इसके बाद उन्होंने इसी पंचायत में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन की आधारशिला भी रखी। इस भवन के निर्माण पर 75 लाख रूपये खर्च किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस भवन के निर्माण से इस क्षेत्र में जन स्वास्थ्य की सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी और स्थानीय लोगों को घर पर ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा । तत्पश्चात उन्होंने ग्राम पंचायत कलबोग के अंतर्गत1 करोड़ 40 लाख से निर्मित बहुप्रतिक्षित मेलठ – क्यूनल – कलबोग सड़क का उद्धघाटन किया। गौरतलब है कि यह सड़क उबादेश क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क है जिसका कार्य 1960 के दशक में शुरू हुआ था किन्तु भूमि सम्बन्धी कारणों के चलते इस सड़क का कार्य लंबित पड़ा था।
लगभग पांच दशकों के उपरांत इस सड़क के कार्य को पूरा किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह सड़क उबादेश क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी सड़क सिद्ध होगी और गुम्मा बाघी सड़क की भांति यह सड़क भी उबादेश क्षेत्र में एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में सुविधा प्रदान करेगी। इसके साथ ही इस मार्ग के स्त्रोन्नत हेतू 4 करोड़ 76 लाख रूपये का प्राकक्लन तैयार कर के नाबार्ड को भेज दिया गया है। रोहित ठाकुर ने सड़क निर्माण के महत्त्व पर बल देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है और यहां के दूर दराज़ के क्षेत्रों में सड़के ही विकास का प्रमुख माध्यम है।
उन्होंने कहा कि जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र बागवानी बहुल क्षेत्र है और इसलिए भी सड़क निर्माण एक ज़रूरी कार्य है। इसी के मद्देनज़र वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान जुब्बल नावर कोटखाई में 206 नई सड़कों की पासिंग की गई है और 850 करोड़ रुपए से अधिक सड़क और भवन निर्माण परियोजनाओं पर खर्च किये जा रहे है जिससे कि ग्रामीण इलाकों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी और सेब बागवानो को भी अपना उत्पाद बाज़ार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। शिक्षा मंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलबोग का निरिक्षण किया। साथ ही इस विद्यालय में 4 करोड़ 76 लाख रूपये से निर्माणाधीन शैक्षणिक ब्लॉक् के कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि इस कार्य को 31 मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस भवन के निर्माण से विद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। शिक्षा मंत्री ने स्थानीय निवासी नन्द लाल हांगटा का आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण हेतू ज़मीन देने के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने नन्दलाल हांगटा की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्होंने भूमि दान करके समाज के उत्थान में अपना सर्वोत्तम सहयोग दिया है और क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।

