शिमला: प्रदेश की पुलिस ने नशे के खिलाफ जंग को अब जड़ों तक पहुंचा दिया है। युवाओं को खोखला और मौत की नींद सुलाने वाले ड्रग माफियाओं पर शिमला पुलिस ने ऐसा सर्जिकल स्ट्राइक किया है कि तस्करों के होश उड़ गए हैं। शिमला पुलिस ने हिम निवास, बीसीएस इलाके में छापा मारकर 2 शातिर तस्करों को दबोच लिया, जिनके कब्जे से करोड़ों की एलएसडी बरामद हुई है। पुलिस के हाथ लगी यह सफलता किसी हॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है। आरोपियों की पहचान संदीप शर्मा (40) निवासी मोगा (पंजाब) और उसकी साथी प्रिया शर्मा (26) निवासी ददाहू (सिरमौर) के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके कब्जे से 562 स्ट्रिप्स एलएसडी बरामद की है। कुल वजन 11.570 ग्राम, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 1 करोड़ रुपए के करीब है। पुलिस पूछताछ में पंजाब-हिमाचल कनेक्शन का भंडाफोड़ होने के साथ-साथ हैरान कर देने वाले तथ्य उभर कर सामने आए हैं। एएसपी अभिषेक ने बताया कि आरोपी संदीप शर्मा पिछले एक दशक से एलएसडी की तस्करी का धंधा चला रहा था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उसके खिलाफ पहले से ही 33 ग्राम चिट्टे की तस्करी का मामला दर्ज है। यानी यह शातिर अपराधी पुलिस को चकमा देकर सालों से युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था।
उन्होंने कहा कि एसपी शिमला गौरव सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में अब तक बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज पर वार करते हुए पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार और नेपाल बॉर्डर से 12 तस्करों को दबोचा है। शिमला पुलिस अधीक्षक का कहना है कि अब ड्रग्स मंगवाने वाले सौदागरों की खैर नहीं। पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का असर अब साफ दिख रहा है। पिछले सिर्फ 45 दिनों में 30 तस्करों को सीधे जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया है, ताकि वे जमानत पर बाहर आकर फिर से युवाओं को बर्बाद न कर सकें। पुलिस के इस एक्शन से इलाके में दहशत फैल गई है।

