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कुल्लू की 2235 महिलाओं के हुनर को मिला बाजार, मुनाफे में भी हिस्सेदारी

2,235 Kullu Women Find Market for Products : कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के बाद भी ढालपुर मैदान में सजे व्यापारिक मेले में कुल्लू की महिलाओं के हुनर की खूब सराहना हो रही है। यहां द माउंटेन यार्न मल्टीपरपज सोसायटी की ओर से लगाए गए स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं के हाथों से तैयार हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। सोसायटी से 2235 महिलाएं जुड़ी हैं, जिन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और उचित कीमत मिल रही है। खास बात यह है कि उत्पादों की बिक्री से होने वाला मुनाफा भी सभी सदस्यों में बांटा जाता है।

जो घर में महिलाओं की ओर से तैयार किए उत्पादों को बाजार दे रहा है। इस सोसाइटी में 2235 महिलाएं विभिन्न ग्रामीण इलाकों से जुड़ी हुई है। जो अपने उत्पादों को तैयार कर समिति को बेचने के लिए दे रही है और समिति महिलाओं के उत्पादों को अच्छी कीमत के साथ मुनाफा भी दे रहा है। ढालपुर के प्रदर्शनी मैदान में द माउंटेन यार्न मल्टीपरपज सोसायटी के द्वारा भी अपना स्टॉल लगाया गया है। स्लॉट में महिलाओं के द्वारा तैयार किए गए हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम के उत्पाद रखे गए हैं।

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इन्हें दशहरा में आ रहे लोगों के द्वारा खूब पसंद भी किया जा रहा है। समिति की खास बात यह है कि वह हर जगह से महिलाओं के उत्पादों को एकत्र कर रहे हैं और बेचने के बाद जो मुनाफा हो रहा है। उसे समिति की हर महिला में भी बांटा जा रहा है। माउंटेन यार्न मल्टी पर्पज सोसायटी के द्वारा जो स्टाल लगाया गया है। उस स्टॉल में ऊनी जुराबे, दस्ताने, क्रोशिया से बने विभिन्न तरह के उत्पाद बेचने के लिए रखे गए हैं। यह समिति जिला कुल्लू के नग्गर, भुंतर और कुल्लू विकास खंड में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई महिलाओं से मिलकर बनी हुई है।

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सोसाइटी से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि पहले वह अपने उत्पाद तो बनाती थी। लेकिन उन्हें सही बाजार नहीं मिल पाता था। जिसके चलते उन्हें अपने ही इलाके में कम दामों में अपने उत्पाद बेचने पड़ रहे थे। लेकिन जब से समिति का गठन हुआ है। तब से समिति के द्वारा अपने खुद के स्टाल लगाए जा रहे हैं। जहां पर वह अपने उत्पादों को बेचने के लिए रख सकती है। यह स्टॉल बीते 1 साल पहले ही शुरू किया गया है और इसमें तीन खंड में काम कर रहे स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को जोड़ा गया है। इससे पहले सोसायटी के द्वारा दिल्ली में भी अपना स्टॉल लगाया गया।

जहां पर इन्हें काफी अच्छा रुझान देखने को मिला। अब दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर मैदान में यह स्टॉल सजाया गया है। सोसायटी की अध्यक्ष रितु ने बताया कि 1 साल पहले इस सोसाइटी का गठन किया गया और आज इस सोसाइटी में 2235 महिलाएं जुड़ी हुई है। जो विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के हाथों में हुनर तो पहले से ही है। बस उस तराशने के लिए भी सोसायटी के द्वारा काम किया जा रहा है। रितु ने बताया कि आज हर घर में महिला कोई ना कोई अपनी कारीगरी से उत्पाद तैयार कर रही है।

सोसायटी का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाए और उनके उत्पादों को सोसायटी के माध्यम से बचा जाए। रितु ने बताया कि यहां पर महिलाओं से जो उत्पाद खरीदे जा रहे हैं। उन्हें अच्छे दाम दिए जा रहे हैं। इसके अलावा सोसायटी के माध्यम से जो भी मुनाफा कमाया जा रहा है। उसे भी सोसायटी की हर महिला में बराबर ही बनता जा रहा है। ताकि महिलाएं अपने हुनर को आगे बढ़ा सके।इस सोसाइटी की खास बात यह है कि यहां पर महिलाओं को भी हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट का विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है। ताकि महिलाएं स्वयं आत्मनिर्भर हो सके।

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