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मंडी में 38 एफसीए मामलों को मंजूरी, विकास कार्यों में तेजी के निर्देश

38 FCA Cases Cleared in Mandi : मंडी। जिले में विकास परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए प्रशासन ने वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) से जुड़े मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने समीक्षा बैठक में बताया कि जिले में अब तक 38 एफसीए मामलों को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने संबंधित विभागों को वन भूमि हस्तांतरण की औपचारिकताएं जल्द पूरी करने और लंबित प्रस्तावों का प्राथमिकता से निपटारा करने के निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित एफसीए प्रस्तावों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिले में वन संरक्षण अधिनियम के तहत अब तक 38 मामलों को स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि जनहित एवं विकास परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब को न्यून करने के दृष्टिगत एफसीए प्रस्तावों का समयबद्ध निस्तारण आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरी करें, ताकि विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण हो सकें।

अपूर्व देवगन ने कहा कि वन भूमि से जुड़े सभी मामलों का निपटारा निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा के अनुसार किया जाए। विभाग विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित प्रस्ताव पूर्ण दस्तावेजों के साथ समय पर प्रस्तुत करें, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने तथा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने जिले के सभी डीएफओ को ड्रैजिंग से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करवाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं, ताकि संबंधित विकास एवं पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाई जा सके। बैठक का संचालन एसीएफ (मुख्यालय) नवजोत ने किया। उन्होंने जिले में लंबित एफसीए प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े मामलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती, डीएफओ मंडी संजीव शर्मा सहित लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। जबकि एसीएफ सुकेत, डीएफओ नाचन, जोगिंद्रनगर, करसोग तथा संबंधित विभागों अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

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