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कुल्लू, रामपुर, मंडी में बाढ़ और बादल फटने से 52 लोग लापता , 4 शव बरामद

शिमला: पहाड़ो पर कुदरत का जलप्रलय । हिमाचल के लिए विनाश लेकर आया अगस्त का पहला दिन। बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से भयावह मंजर जमींदोज कई घर, स्कूल और अस्पताल घर , पार्वती ब्यास,सतलुज व खड्डों में बहते वाहन व लोगों की लाशों का मंजर साल 2023 की तबाही के मंजर को याद दिला गया । हिमाचल में दैवीय आपदा ने भारी तबाही मचाई है। शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से तीनों जिलों में करीब 52 लोग लापता हैं जबकि तीन शव बरामद कर लिए गए हैं। शिमला में 35, मंडी में नौ और कुल्लू में सात लोग लापता हैं। कुल्लू के जाओन व निरमंड में बादल फटने से श्रीखंड यात्र का बेस कैंप प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत व बचाव कार्य चलाया जा रहा है। सबसे ज्यादा तबाही शिमला जिला के रामपुर इलाके के झाकड़ी में हुई है।

यहां सैलाब व भूस्खलन के कारण लापता हुए 36 लोगों की तलाश की जा रही है। रामपुर के झाकड़ी में अगस्त के पहले दिन समेज खड्ड में हाइड्रो प्रोजेक्ट के नजदीक बादल फटने से इलाके में भारी तबाही हुई है। 36 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि एक की मौत हो चुकी है। यंहा पर बादल फटने के कारण कई घर, स्कूल और अस्पताल सहित पुरे गांव का नामानिशान मिट गया है । कई सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, नदियां पूरे उफान पर हैं. इसके कारण कई मकान खतरे की जद में आ चुके हैं। ब्यास नदी का जल स्तर बढऩे से मनाली-कुल्लू नेशनल हाइवे बंद हो गया है। बिंदु ढांक में सड़कबह गई है। रायसन में शिरढ़ रिजॉर्ट के पास भी सड़क को नुकसान हुआ है। इसके अलावा पलचान के समीप भी सड़क बह गई है। नेहरूकुंड पुल को खतरा पैदा हो गया है। कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे बंद होने से लोगों को लेट बैंक मार्ग से सफर करना पड़ रहा है।

वही रामपुर के झाकड़ी में बादल फटने से 35 लोग लापता हैं। मुयमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद हालात का जायजा लेने के लिए रामपुर के लिए निकले थे, लेकिन अन्नाडेल से सचिवालय लौट आए। खराब मौसम की वजह से उनका हेलिकाप्टर उड़ान नहीं भर पाया। मलाणा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान : कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी में मलाणा में बीती रात को बादल फटने से मलाणा पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे पार्वती नदी में बाढ़ आ गई है और शाट सब्जी मंडी का भवन भी बाढ़ की चपेट में आ गया है. इसके अलावा जिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी खतरा पैदा हो गया है. जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को वहां से हटाना शुरू कर दिया है. इसके अलावा मनाली के पलचान में भी ब्यास नदी में बाढ़ आ गई है, जिसके चलते कई जगह पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

याद आया 2023 का भयावह मंजार : इस बार फिर प्रदेश में बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं के बाद से बीते साल की तरह हालात बनते जा रहे हैं. 2023 में साल हिमाचल के लिए भयावह था। सुबह घर से निकले कई लोग वापस घर नहीं लौट पाए. हिमाचल को 2023 की आपदा में हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. 2023 में हिमाचल 509 लोगों की मौत हुई थी. 9712 करोड़ रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई. यही नहीं, 2944 घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए. इसके अलावा 12304 घरों को नुकसान हुआ. पशु धन की व्यापक तबाही हुई और राज्य भर में 7250 गोशाला नष्ट हो गई.। चंडीगढ़-शिमला हाईवे सहित कुल्लू मनाली में हाईवे बह गए थे।

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