शिमला : जीवन की शाम अक्सर यादों, रिश्तों और अपनों के सहारे गुजरती है। लेकिन कभी-कभी जिंदगी की सबसे लंबी यात्रएं भी एक ऐसे मोड़ पर आकर खत्म हो जाती हैं, जहां साथ निभाने की ताकत भी जवाब दे देती है। शिमला जिले के ठियोग क्षेत्र से सामने आए दो मामलों ने ऐसी ही एक मार्मिक कहानी सामने रख दी है, जहां 75 साल की उम्र में दो महिलाओं ने अपने पतियों से अलग होने का फैसला कर लिया। दशकों तक साथ चलने के बाद आखिरकार ये रिश्ते अदालत की चौखट पर आकर खत्म हो गए।
दोनों मामलों में पति-पत्नी ने परिवार न्यायालय शिमला में आपसी सहमति से तलाक की संयुक्त याचिकाएं दायर कीं, जिन्हें अदालत ने मंजूर कर लिया। पहले मामले में 75 वर्ष की महिला और 59 वर्षीय पुरुष का रिश्ता टूट गया। दोनों का विवाह वर्ष 1990 में हुआ था। उस समय महिला की उम्र लगभग 39 वर्ष और पुरुष की उम्र करीब 23 वर्ष थी। जीवन की शुरुआत उम्मीदों के साथ हुई थी, लेकिन वक्त के साथ रिश्ते में दरारें गहरी होती चली गईं। वर्ष 2010 के बाद दोनों के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि साथ रहना मुश्किल हो गया।
समाज के लोगों ने कई बार दोनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन शायद दिलों की दूरियां इतनी बढ़ चुकी थीं कि उन्हें पाटना संभव नहीं रहा। अंतत: दोनों ने सहमति से अपने रास्ते अलग करने का निर्णय ले लिया। अदालत में तय हुआ कि पति अपनी पेंशन में से हर महीने 5 हजार रुपये भरण-पोषण के रूप में पत्नी को देगा और उसके रहने की व्यवस्था भी करेगा। दूसरा मामला और भी ज्यादा भावनात्मक है। यहां 75 वर्षीय महिला और 39 वर्षीय पुरुष का रिश्ता भी आखिरकार टूट गया।
दोनों ने वर्ष 2008 में शादी की थी, जब महिला की उम्र 57 साल और पुरुष की उम्र लगभग 21 साल थी। इस रिश्ते से तीन बच्चे भी हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को साथ देखा और अब अलग होते भी देखा। समय बीतने के साथ दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए और जून 2021 से वे अलग-अलग रहने लगे। कई कोशिशों के बावजूद रिश्ते की दरार भर नहीं सकी। अंतत: दोनों ने अदालत के सामने स्वीकार किया कि अब साथ चलना संभव नहीं है।
अदालत ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए व्यवस्था की कि तीनों बच्चे पिता के साथ रहेंगे, लेकिन उन्हें अपनी मां से मिलने की पूरी अनुमति होगी। इन दोनों मामलों ने यह सवाल छोड़ दिया है कि क्या रिश्ते केवल समय के सहारे टिके रहते हैं? कभी-कभी जिंदगी की लंबी राह साथ चलने के बाद भी मंजिल अलग हो जाती है। शायद इन रिश्तों के पीछे भी अनगिनत यादें, समझौते, उम्मीदें और अधूरी बातें छिपी होंगी-जो अब जीवन की सांझ में एक शांत लेकिन दर्द भरे अंत के साथ खत्म हो गईं।

