Last Updated: November 5, 2026

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इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना बनी एकल माताओं का सहारा

September 13, 2026

इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना बनी एकल माताओं का सहारा

A lifeline for single mothers : कुल्लू। आर्थिक रूप से कमजोर और एकल माताओं के बच्चों की पढ़ाई व पालन-पोषण में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना अहम सहारा बन रही है। सुंदरनगर में योजना के तहत 435 बच्चों को लाभ मिल रहा है। इनमें 402 बच्चों को प्रतिमाह 1000 रुपये तथा 33 बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना से भावना देवी जैसी एकल माताओं को बच्चों की शिक्षा जारी रखने में बड़ी राहत मिली है।

सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच बेटे आर्यन और बेटी आयशा की पढ़ाई जारी रखना उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ था। ऐसे में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना उनके लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर आई है। भावना देवी का बेटा आर्यन छठी कक्षा में तथा बेटी आयशा आठवीं कक्षा में पढ़ती है। वह बताती हैं कि बच्चों की पढ़ाई, किताबों और अन्य आवश्यकताओं के साथ-साथ उनके पालन-पोषण का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उन्हें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना की जानकारी मिली। उन्होंने वर्ष 2024 में योजना के लिए आवेदन किया और उसी वर्ष से उन्हें योजना का लाभ मिलना शुरू हो गया। योजना के तहत उन्हें दोनों बच्चों की शिक्षा के लिए एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मिल रही है।

वह कहती हैं कि एकल माता होने के कारण बच्चों की सभी जरूरतों को अकेले पूरा करना उनके लिए मुश्किल था, लेकिन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उनकी परेशानी को काफी कम किया है। प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए भावना देवी कहती हैं, “इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना से मुझे अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण का खर्च उठाने में काफी मदद मिल रही है। इससे मुझे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का भरोसा मिला है। मैं प्रदेश सरकार का धन्यवाद करती हूं कि जरूरतमंद परिवारों और बच्चों के लिए ऐसी कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।” *सुंदरनगर में 435 बच्चों को मिला योजना का लाभ* आर्थिक तंगी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा के साथ बेहतर भविष्य का अवसर मिले, इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना महत्वपूर्ण सहारा बन रही है।

बाल विकास परियोजना अधिकारी सुंदरनगर पूनम चौहान ने बताया कि वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 53.53 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है, जिससे 435 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। इनमें 402 बच्चों को 1000 रुपए प्रति माह तथा 33 बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए सहायता राशि प्रदान की जा रही है। *18 वर्ष तक प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता* पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरतों के लिए 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

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