तपोवन : तपोवन जोरावर स्टेडियम में विधानसभा सत्र के छठे दिन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। जिलेभर से पहुंचे छात्रों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व छात्रों के बीच झड़पें हुईं। बताया जा रहा है कि इन झगड़ों के दौरान कुछ छात्र नेता घायल हुए, वहीं कुछ पुलिस जवानों को भी मामूली चोटें आईं।
लंबे हंगामे के बीच पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा। अखिल भारतीय परिषद के छात्रों ने आरोप लगाया कि मंगलवार को धर्मशाला कॉलेज व सेंट्रल यूनिवर्सिटी से 32 छात्रों को पुलिस ने जबरन उठाकर थाना ले गए थे। शाम सात बजे तक डिटेन किया। छात्रों ने यहां पर लोकतंत्र की हत्या बताया। छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री उनसे मिलने से बच रहे हैं और पुलिस बल का सहारा लेकर उन्हें रोक रहे हैं। इसी के विरोध में संगठन ने आज प्रदेशभर में स्टेट-कॉलेज स्तर पर धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है।
इस दौरान कु. नैन्सी अटल, प्रदेश मंत्री के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी भेजा गया, जिसमें शिक्षा और प्रशासन से जुड़े 11 प्रमुख बिंदुओं पर मांगें रखी गईं। इनमें छात्र संघ चुनाव बहाल करने, विश्वविद्यालयों में स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला परिसर के निर्माण कार्य में लंबित राशि जारी करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने, कॉलेजों की आधारभूत संरचना सुधारने, मूल्यांकन प्रक्रिया को दुरुस्त करने, और प्रदेश में रोजगार व कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर कार्रवाई शामिल है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

