ABVP Protests Against Anarchy, Calls for Democracy : शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने शुक्रवार को “अराजकता रोको–लोकतंत्र अपनाओ” के नारे के साथ विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, लोकतांत्रिक मूल्यों और देश की एकता-अखंडता को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। अभाविप की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने युवाओं से तथ्यों के आधार पर विचार करने, संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करने और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी आवाज उठाने की अपील की।
ऐसे में विद्यार्थियों को देश और समाज से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए तथा अपने विवेक के आधार पर सही और गलत के बीच अंतर समझते हुए राष्ट्रहित में आवाज उठानी चाहिए। विकसित भारत के लक्ष्य के लिए शांति और स्थिरता जरूरी नैंसी अटल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देश के प्रत्येक नागरिक का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज में शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था का मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्व देश में अराजकता का माहौल पैदा कर भारत की एकता और अखंडता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए युवाओं से ऐसे घटनाक्रमों और देश की स्थिरता को प्रभावित करने वाले प्रयासों के प्रति सजग रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं से जुड़ा है। इसलिए युवा पीढ़ी को किसी भी प्रकार के भटकाव से बचते हुए अपने विचारों और निर्णयों में विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से जेन-जी पीढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के युवाओं को अपने आसपास घट रही घटनाओं को समझने, तथ्यों के आधार पर विचार करने और राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर अपनी भूमिका तय करने की आवश्यकता है। लोकतांत्रिक मर्यादाओं के तहत उठाएं अपनी आवाज अभाविप प्रदेश मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और विचार व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन इस अधिकार के साथ संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करना भी जरूरी है। अपनी मांगों और विचारों को सामने रखने के लिए संवाद, विचार-विमर्श और लोकतांत्रिक माध्यमों का सहारा लिया जाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से अराजकता का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की। उनके अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझें और असहमति व्यक्त करते समय लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करें। राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान धरना प्रदर्शन के माध्यम से अभाविप ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने और देश की एकता, अखंडता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने का संदेश दिया। संगठन ने विद्यार्थियों से देश के वर्तमान और भविष्य से जुड़े विषयों पर सजग रहने, सकारात्मक सोच अपनाने तथा समाज में शांति और स्थिरता बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस दौरान देश के वर्तमान परिदृश्य, लोकतांत्रिक मूल्यों की महत्ता और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों को उठाया गया। अभाविप ने युवाओं से देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जागरूक नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। धरने को संबोधित करते हुए अभाविप की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि आज देश के नौजवानों को भारत के वर्तमान परिदृश्य के साथ-साथ भविष्य को लेकर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि राष्ट्र के प्रति उनकी भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और देशहित के मुद्दों पर उन्हें जागरूक होकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाला विद्यार्थी केवल डिग्री हासिल करने वाला युवा नहीं होता, बल्कि वह समाज को दिशा देने और सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखने वाला जागरूक नागरिक भी होता है।

