Shimla News: त्योहारों पर पटाखों के अवैध कारोबार पर प्रशासन सख्त, जगह-जगह होगी जांच; नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
October 22, 2026
शिमला: त्योहारों के दौरान पटाखों की अवैध बिक्री, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए शिमला जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए तहसील और उपतहसील स्तर पर संयुक्त निरीक्षण समितियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में जांच करेंगी और पटाखों से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगी। प्रशासन का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों की सुरक्षा बनाए रखना और बिना अनुमति पटाखों के कारोबार पर रोक लगाना है। इसके लिए पुलिस, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आबकारी विभाग और स्थानीय निकायों के अधिकारी मिलकर काम करेंगे।
तहसील स्तर पर बनाई गईं निरीक्षण समितियां
जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार, प्रत्येक समिति की अगुवाई संबंधित तहसीलदार करेंगे। इसमें नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी, अग्निशमन विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य कर एवं आबकारी विभाग और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। संबंधित उपमंडलाधिकारी इन समितियों के कामकाज पर नजर रखेंगे और विभागों के बीच तालमेल बनाएंगे। जरूरत पड़ने पर अन्य अधिकारियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा।
पटाखे ले जाने वाले वाहनों की भी होगी जांच
पटाखों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए पुलिस जिला के प्रमुख प्रवेश मार्गों, सीमावर्ती इलाकों, राष्ट्रीय राजमार्गों और दूसरे जिलों से जुड़ने वाली सड़कों पर जांच करेगी। इसके लिए विशेष नाके लगाए जाएंगे और मोबाइल निरीक्षण दल भी तैनात किए जाएंगे। जांच के दौरान पटाखे ले जाने वाले वाहनों के विस्फोटक लाइसेंस, परिवहन परमिट, जीएसटी बिल, ई-वे बिल और सामान से जुड़े अन्य दस्तावेज देखे जाएंगे। इसके अलावा पटाखों की मात्रा, सामान कहां से लाया जा रहा है और कहां पहुंचाया जाना है, इसकी भी जानकारी ली जाएगी। जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बिना लाइसेंस पटाखे बेचने और रखने वालों पर नजर
निरीक्षण समितियां पटाखों की दुकानों और गोदामों में भी जांच करेंगी। इस दौरान लाइसेंस की वैधता, पटाखे रखने की अनुमति, निर्धारित मात्रा और अग्निशमन सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को देखा जाएगा। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि पटाखे केवल अनुमति प्राप्त स्थानों पर ही रखे और बेचे जाएं। बिना अनुमति सड़क किनारे दुकान लगाने या अस्थायी बिक्री केंद्र चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में होगी निगरानी
त्योहारों के दौरान बाजारों, रिहायशी इलाकों, स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। रात के समय पटाखों की थोक आवाजाही पर भी नजर रहेगी। इसके अलावा प्रशासन की टीमें अचानक निरीक्षण करेंगी, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान की जा सके। पटाखों के अवैध कारोबार को लेकर मिलने वाली शिकायतों पर भी जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियम तोड़ने पर जब्त हो सकता है पटाखों का स्टॉक
प्रशासन के आदेश के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें विस्फोटक अधिनियम, 1884, विस्फोटक नियम, 2008 और अन्य लागू कानूनी प्रावधान शामिल हैं। मामले की गंभीरता के आधार पर पटाखों का स्टॉक जब्त किया जा सकता है। संबंधित परिसर को सील करने, लाइसेंस निलंबित या रद्द करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भी प्रावधान है।
अधिकारियों को नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश
जिला प्रशासन ने निरीक्षण समितियों को काम शुरू होने के तीन दिनों के भीतर अपनी पहली रिपोर्ट संबंधित उपमंडलाधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद त्योहारों के दौरान हर सोमवार को साप्ताहिक रिपोर्ट देनी होगी। रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन, जब्त किए गए सामान, दर्ज मामलों और की गई कार्रवाई का विवरण शामिल करना होगा। उपमंडलाधिकारी इन रिपोर्टों को एकत्र करके उपायुक्त कार्यालय को भेजेंगे। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और त्योहारों का सीजन समाप्त होने या अगले आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेंगे।