
शिमला: सूखे की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश पर अब ठंड ने जोरदार हमला बोल दिया है। ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी के बाद प्रदेश में कड़ाके की सर्दी लौट आई है। शिमला सहित 22 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि तीन स्थानों पर पारा माइनस में चला गया है। लाहौल-स्पीति का ताबो प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां तापमान माईनस 7.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मैदानी और निचले पहाड़ी जिलों ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और बरठीं में शीतलहर चलने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ने के साथ ही बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। इस शीत ऋतु में उत्तरी पर्वतीय राज्यों में बारिश और बर्फबारी की भारी कमी दर्ज की गई है। दिसंबर महीना लगभग पूरी तरह सूखा गुजर गया, जिससे पहाड़ी इलाकों में 90 प्रतिशत से अधिक मौसमी घाटा सामने आया। जनवरी 2026 के पहले दो हफ्तों में भी हालात नहीं सुधरे और कई क्षेत्रों में बर्फबारी की कमी 95 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गई लेकिन अब मौसम करवट ले चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 22 या 23 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ पूरी ताकत से सक्रिय होगा, जिससे लंबे सूखे के बाद पहाड़ों पर मौसम का उग्र रूप देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दो पश्चिमी विक्षोभों के एक के बाद एक सक्रिय होने से मौसम गतिविधियां और तेज होंगी। इसका असर हिमाचल के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर भारत के मैदानी राज्यों तक दिखाई देगा।