Ambulance Workers Stage Protest : शिमला। 108 और 102 एंबुलेंस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू के आह्वान पर सैकड़ों एंबुलेंस कर्मचारियों ने कुसुम्पटी स्थित एनएचएम प्रबंध निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने लंबित मांगों के समाधान, श्रम एवं वैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा एनएचएम, मेडस्वान कंपनी और यूनियन के बीच त्रिपक्षीय बैठक बुलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के माध्यम से 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं में कार्यरत पायलट, कैप्टन एवं ईएमटी कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने तथा कर्मचारियों के श्रम एवं वैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, कोषाध्यक्ष जगत राम, आशीष कुमार, अमित कुमार, बालक राम, विवेक कश्यप, रंजीव कुठियाला, 108 एवं 102 एंबुलेंस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष सुरजीत कुमार, प्रताप चौहान, कपिल नेगी, पूर्ण चंद, आउटसोर्स यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र लाल, नोख राम, सीताराम, निशा, दलीप सिंह, पंकज शर्मा, प्रेम कुमार, अमित कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी व श्रमिक शामिल हुए।
प्रदर्शन के बाद 108 एवं 102 एंबुलेंस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन का प्रतिनिधिमंडल एनएचएम प्रबंध निदेशक के ओएसडी डॉ. चेतन चौहान से मिला और उन्हें कर्मचारियों की मांगों से संबंधित विस्तृत मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एनएचएम प्रबंधन, मेडस्वान कंपनी तथा यूनियन के बीच त्रिपक्षीय बैठक बुलाकर सभी लंबित मामलों का समाधान किया जाए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एंबुलेंस कर्मचारी राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसलिए उनके श्रम अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करना सरकार, एनएचएम प्रबंधन तथा सेवा प्रदाता कंपनी की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो यूनियन अपने सदस्यों से विचार-विमर्श कर आगामी आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन को डॉ. कश्मीर ठाकुर, विजेंद्र मेहरा, आशीष कुमार, बालक राम, सुनील कुमार, सुरजीत कुमार तथा वीरेंद्र लाल ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाएं राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन सेवाओं में कार्यरत पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी वर्षों से दिन-रात, आपात परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने तथा लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कठिन परिस्थितियों, लंबे कार्य घंटों और लगातार आपातकालीन ड्यूटी के बावजूद कर्मचारियों को उनके वैधानिक श्रम अधिकारों से वंचित किए जाने की शिकायतें गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के सामने न्यूनतम मजदूरी, 12 घंटे की ड्यूटी के लिए ओवरटाइम भुगतान, ईपीएफ एवं ईएसआई, वैधानिक छुट्टियां, साप्ताहिक अवकाश, वेतन कटौती, सेवा निरंतरता और नौकरी की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण प्रश्न लंबे समय से लंबित हैं। वक्ताओं ने कहा कि जीवीके से मेडस्वान को 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं के संचालन के हस्तांतरण के दौरान कर्मचारियों के अनेक वैधानिक देयों और सेवा संबंधी अधिकारों का प्रश्न पूरी तरह हल नहीं हुआ है। एनएचएम की आधिकारिक जानकारी के अनुसार मेडस्वान फाउंडेशन ने जनवरी 2022 से राज्य में 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं का संचालन संभाला था।
मेष: दिन शुभ रहेगा...