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कांग्रेस के ‘खटाखट मॉडल’ से हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति बिगड़ी: अनुराग ठाकुर

संसद में TMC सांसद पी रहे ई-सिगरेट... अनुराग ठाकुर ने लगाया आरोप

TMC MPs smoking e cigarettes

हिमाचल डेस्क। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर हिमाचल प्रदेश की स्थिति खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में मौजूदा हालात को लेकर गंभीर बयान दिया, लेकिन विपक्षी नेता उस गंभीरता को अपनाने में विफल रहे।

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भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सभी को उम्मीद थी कि विपक्षी नेता भी इतने अहम मुद्दे को लेकर गंभीर होंगे, लेकिन उनकी तरफ से कोई गंभीरता नहीं दिखी। वे सदन में अनुपस्थित थे। अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर पाकिस्तान और उसकी विचारधारा का समर्थन करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ा है।

ठाकुर ने विशेष रूप से ‘खटाखट मॉडल’ का उल्लेख किया, जिसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल लाए थे। उनका कहना था कि यह दिखावटी मॉडल दोषपूर्ण साबित हुआ और प्रदेश की स्थिति और बिगड़ गई।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि दुर्भाग्य से पहली बार हम देख रहे हैं कि कर्मचारियों को समय पर उनका वेतन नहीं मिल रहा है। कांग्रेस ने ‘टॉयलेट टैक्स’ जैसे उपाय लागू कर आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के महज दो महीनों में ही वैट में लगातार वृद्धि की गई। डीजल पर वैट बढ़ाकर 10.40 रुपए कर दिया गया और इसके अतिरिक्त 5 रुपए का सेस भी लगाया गया। यह पहली ऐसी सरकार है जिसने आम आदमी की जेब पर तीन बार हमला किया।

अनुराग ठाकुर ने दोहराया कि कांग्रेस के ‘खटाखट मॉडल’ ने हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता को सालाना 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की मार सहनी पड़ रही है। इस मॉडल ने प्रदेश को वित्तीय तंगी में डाल दिया है और जनता की समस्याओं को और बढ़ा दिया है।

भाजपा के राज्यसभा सदस्य सिकंदर कुमार ने भी कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की हालत किसी से छिपी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार हर राज्य में लाभ पहुंचा रही है, चाहे वहां कांग्रेस की सरकार हो या कम्युनिस्ट सरकार हो, लेकिन ये लोग सरकार की योजनाओं को जनता तक नहीं पहुंचने दे रहे है।

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