Site icon Dainik Savera Times

हिमाचल को मोदी सरकार से रिकॉर्ड मदद, कांग्रेस भ्रम फैलाती है: अनुराग ठाकुर

Anurag Thakur targets Sukhu government

Anurag Thakur targets Sukhu government

हिमाचल प्रदेश डेस्क। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से दी गई आर्थिक सहायता और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लेकर मोदी सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद से हिमाचल प्रदेश को दिल खोलकर मदद दी गई है और राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अब तक हिमाचल प्रदेश को 76,799 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता और विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट दिए हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश से विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह दर्जा वापस दिलाया। विशेष राज्य का दर्जा मिलने से हिमाचल को बड़ा लाभ हुआ, क्योंकि अब किसी भी परियोजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देती है और प्रदेश सरकार को केवल 10 प्रतिशत राशि वहन करनी पड़ती है।

ये भी पढे़ं :-

भाजपा सांसद ने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश में कई बड़ी परियोजनाएं लाई गईं। राज्य में 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक के रेलवे प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जो भविष्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देंगे। वहीं, उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है और झूठे आंकड़े पेश कर रही है। कोविड काल का जिक्र करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि जैसा कि आपको याद होगा, कोविड के समय हमने एक नई शुरुआत की थी, जब राज्य सरकारों को विशेष सहायता दी गई। यूपीए सरकार ने क्या किया था? कुछ नहीं, जीरो। जबकि पिछले 5-6 सालों में मोदी सरकार ने 8,309 करोड़ रुपए की मदद दी है।

स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्र में किए गए निवेश का उल्लेख करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र सरकार ने करीब 720 करोड़ रुपए की राशि दी है। ऊना में बल्क ड्रग पार्क के लिए 1 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जबकि राजगढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विकास कार्यों के लिए धन की कहीं कोई कमी नहीं छोड़ी है।

रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ग्रांट सिर्फ हिमाचल प्रदेश के लिए नहीं रोकी गई है, बल्कि देश के 17 राज्यों के लिए इसे बंद किया गया है। ऐसे में इसे लेकर प्रदेश विशेष के साथ भेदभाव का आरोप लगाना गलत है।

प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भारी कर्ज में डूबा हुआ है। पिछले तीन सालों में राज्य सरकार ने अत्यधिक कर्ज लिया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कर्ज पर कर्ज ले रही है, लेकिन अपनी आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं कर रही। हिमाचल अपनी कमाई के मुकाबले कहीं ज्यादा खर्च कर रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

ये भी देखें :-

Exit mobile version