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काशापाट पंचायत में ओलावृष्टि के बाद करोड़ों रुपए की सेब की फसल व लाखों की अन्य फसलें नष्ट 

रामपुर बुशहर (मीनाक्षी): रामपुर उपमंडल में पिछले कई दिनों से मौसम बेहद खराब बना हुआ है। बारिश, और ओलावृष्टि से बागवानों व किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। बागवानों व किसानों की खून-पसीने की कमाई पर पानी फिर रहा है। मौसम के इस तरह के रवैए से हर किसान टूटा हुआ नजर आ रहा है। जिसको लेकर उद्यान विभाग व कृषि विभाग की टीम ने रामपुर उपमंडल की दुर्गम काशापाट पंचायत का दौरा किया । ओलावृष्टि और बारिश से बागवानों व किसानों की बर्बाद हुई फसल का मुआयना व आकलन करने के लिए प्रभावितों के साथ  खेतों में पहुंचे। इस दौरान खराब हुई फसलों का खेत में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया।

हालांकि इस दौरान सालों से की गई मेहनत खबर होने के चलते ग्रामीण बुरी तरह से परेशान थे। वहीं इस दौरान उद्यान विभाग की और से उद्यान विकास अधिकारी डाक्टर प्रवीन मेहत, कृषि विभाग की और से पीरू राम कृषि प्रसार अधिकारी, शिवम वालिया सहायक तकनीकी प्रबंधक, अनिल कुमार प्रेक्षक मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लेकर आकलन किया गया। वहीं बता दें कि काशापाट पंचायत में 10 मई को भारी ओलावृष्टि हुई है। यह ओलावृष्टि रात के समय हुई। सुबह नुकसान देखकर ग्रामीण काफी परेशान हो गए थे। कई लोगों के आंसु भी फसलों को देख कर निकल गए। हालांकि सरकार की और से फसलों का आकलन तो विभागों की टीम द्वारा किया जा चुका है। अब देखना रहेगा की मुआवजा मिल पाता है या नहीं।

सेब की फसल को हुआ है सबसे अधिक नुकसान:-

काशापाट पंचायत में हुई भारी ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुक्सान सेब की फसल को हुआ है। जानकारी देते हुए एसएमएस उद्यान विभाग रामपुर अश्विन चौहान ने बताया कि काशापाट पंचायत में ओलावृष्टि से सेब की फसल को हुए नुक्सान का आकलन विभाग की टीम द्वारा किया गया है। इस दौरान लगभग 1 करोड़ 85 लाख के करीब साढ़े तीन सो बागवानों की फसल को नुक्सान हुआ है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है।

काशापाट पंचायत में सेब की फसल के साथ साथ अन्य फसलों को भी भारी नुक़सान हुआ है। जानकारी देते हुए कृषि विभाग रामपुर के एसएमएस करन गुलेरिया ने बताया कि काशापाट पंचायत में ओलावृष्टि से किसानों की फसल को हुए नुक्सान का आकलन विभाग की टीम द्वारा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस दौरान लगभग 62 लाख 10 हजार के करीब 202 किसानों का हुआ है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर दी गई है और उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है।

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