
शिमला: शिमला में बर्फबारी शुरू होते ही राजधानी की ओर सैलानियों का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि सड़कें, शहर और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह जवाब दे गई। हालात इतने बिगड़े कि परवाणु से लेकर कैथलीघाट, ढली और शोधी तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हजारों वाहन घंटों तक एक ही जगह फंसे रहे और कई पर्यटक तो पूरे दिन गाड़ियों में ही बैठे रहने को मजबूर हो गए। जाम का असर सिर्फ हाईवे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिमला शहर के भीतर भी यातायात पूरी तरह चरमरा गया। संकरी सड़कों पर बर्फ जमने और वाहनों के भारी दबाव के कारण गाड़ियां रेंगती नजर आईं।
कई स्थानों पर हालात ऐसे बने कि पर्यटक वाहन आगे-पीछे से पूरी तरह जकड़ गए और लोगों के लिए गाड़ियों से उतरना तक मुश्किल हो गया। रिज मैदान, मालरोड, जाखू और आसपास के पर्यटन स्थल सैलानियों से ठसाठस भर गए। हर ओर बर्फ की सफेद चादर बिछी नजर आई। जाखू के पहाड़ पूरी तरह बर्फ से ढक गए और सड़कों पर बर्फ व आइस की मोटी परत जम गई। इसके बावजूद सैलानियों का जोश कम नहीं हुआ और पर्यटन स्थल पूरे दिन गुलजार रहे। बर्फ देखते ही पर्यटक सेल्फी और वीडियो बनाते, एक-दूसरे पर बर्फ डालते और गिरते-पड़ते भी जमकर मस्ती करते नजर आए। कई जगहों पर ब्लैक आइस के कारण पैदल चलने वाले फिसलते दिखे, वहीं वाहन भी फिसलन का शिकार होते नजर आए। खतरे के बावजूद रोमांच और उत्साह ने सैलानियों को पीछे नहीं हटने दिया।
दिन चढ़ने के साथ ट्रैफिक जाम और भयावह होता चला गया। होटल पहुंचने, पाकिर्ंग तलाशने और पर्यटन स्थलों तक जाने में लोगों को घंटों का वक्त लगा। कई परिवार देर शाम तक जाम में फंसे रहे। प्रशासनिक व्यवस्थाएं दबाव में नजर आईं, जबकि ट्रैफिक पुलिस हालात संभालने में जुटी रही। हालांकि जाम, ठंड और फिसलन ने लोगों को परेशान किया, लेकिन शिमला की बफीर्ली खूबसूरती हर परेशानी पर भारी पड़ती दिखी। ट्रैफिक जाम और ब्लैक आइस के खतरे के बीच भी पर्यटन नगरी शिमला मस्ती, रोमांच और सैलानियों के शोर से पूरी तरह रंगी नजर आई।