Bindal Questions Sukhu Government Over Poll Guarantees and Debt : कुल्लू। भाजपा की विशेष बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने, बढ़ते कर्ज और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं को रोजगार और हिमकेयर व सहारा योजनाओं के लाभार्थियों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ ₹1.10 लाख करोड़ से अधिक हो गया है और भाजपा इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी।
बैठक में जिला प्रभारी बिहारी लाल शर्मा, सह-प्रभारी प्रीयंता शर्मा, विधायक सुरेंद्र शौरी एवं लोकेंद्र कुमार, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी भीम सेन, प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश कपूर सहित जिला कुल्लू के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों के समय जनता को दस गारंटियों के नाम पर बड़े-बड़े सपने दिखाए थे। महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं को रोजगार और प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने के वादे किए गए, लेकिन आज इन वादों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखनी होगी।
कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसने चुनावों में किए गए वादों में से कितने पूरे किए और कितने अब भी अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है, क्योंकि एक ओर जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ने की चिंता बनी हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश की आर्थिक स्थिति और सरकारी खर्चों को लेकर जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। भाजपा इस मुद्दे को गांव-गांव और घर-घर तक लेकर जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में गरीबों, जरूरतमंदों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए शुरू की गई हिमकेयर और सहारा जैसी योजनाओं को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली ने लाभार्थियों की चिंताएं बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इन योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर सहायता और उपचार का लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। गरीबों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ एक लाख दस हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने का मुद्दा गंभीर है। सरकार को बताना चाहिए कि इस कर्ज से प्रदेश की जनता को कितनी राहत मिली और कितने विकास कार्य धरातल पर पूरे हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में सड़क और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्य आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार को अपने वित्तीय प्रबंधन और विकास कार्यों पर खर्च की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

