BJP captures Shimla Zila Parishad : शिमला। जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और भरत सिंह कलांटा उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। भाजपा ने दोनों पदों पर जीत को 26 साल बाद मिली बड़ी सफलता बताते हुए इसे प्रदेश के बदलते राजनीतिक माहौल और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण संकेत करार दिया।
चंदलोग-नेरूवा वार्ड से निर्वाचित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष तथा टिक्कर वार्ड से निर्वाचित भरत सिंह कलांटा उपाध्यक्ष चुने गए। अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया को 13 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस समर्थित सुरेंद्र रेटका को 10 मत मिले और दो मत निरस्त हुए। उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित भरत सिंह कलांटा को 14 मत मिले, जबकि कांग्रेस समर्थित मीनाक्षी को 10 मत प्राप्त हुए और एक मत निरस्त हुआ। भाजपा ने इस जीत को केवल जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश में बदलते राजनीतिक माहौल और कांग्रेस सरकार के प्रति बढ़ते जनाक्रोश का स्पष्ट संकेत बताया है। चुनाव परिणाम घोषित होते ही शिमला में भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का स्वागत किया तथा एक-दूसरे को इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दी।
12 में से 11 जिला परिषदों में भाजपा, इससे बड़ा संकेत और क्या चाहिए : हर्ष महाजन राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने भाजपा की शानदार जीत पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सिसोदिया और उपाध्यक्ष भरत सिंह कलांटा सहित पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में जिला परिषदों के परिणाम प्रदेश की राजनीतिक दिशा का स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रदेश की 12 जिला परिषदों में से 11 में भाजपा का प्रभाव स्थापित होना अपने आप में बहुत बड़ा राजनीतिक संदेश है। इससे ज्यादा और क्या संकेत चाहिए कि हिमाचल की जनता किसके साथ खड़ी है।” महाजन ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में ऐसा वातावरण बना दिया है जहां राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ एफआईआर और पुलिस-प्रशासन के इस्तेमाल के आरोप लगातार लग रहे हैं। कर्मचारी परेशान हैं, नौजवान रोजगार को लेकर निराश हैं, महिलाएं परेशान हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने का कितना भी प्रयास कर ले, अब प्रदेश की जनता अपना मन बना चुकी है। तीन मंत्रियों के गृह जिला में कांग्रेस की हार जनता के मूड का प्रमाण : महाजन हर्ष महाजन ने कहा कि शिमला जिला परिषद की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस सरकार के कई प्रभावशाली मंत्री और सरकार से जुड़े प्रमुख लोग इसी जिले से आते हैं। इसके बावजूद कांग्रेस जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद नहीं बचा पाई। उन्होंने कहा, “जब सरकार अपने मंत्रियों के गृह जिले में भी जिला परिषद नहीं बचा पा रही है तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश की जनता में सरकार के प्रति कितना आक्रोश है।” महाजन ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक इन चुनावों को टालती रही। अंततः मामला न्यायालय तक पहुंचा और चुनाव करवाने पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से रोकना जनता और निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों के साथ अन्याय था।
उन्होंने कहा कि चुनाव हो जाने के बाद अब राजनीतिक प्रतिस्पर्धा समाप्त होनी चाहिए और जिला परिषद के सभी सदस्यों को मिलकर जनता की समस्याओं के समाधान और जिले के विकास के लिए काम करना चाहिए। महाजन ने कहा, “चुनाव तक वोटों की राजनीति होती है, लेकिन अब हमारा प्रयास रहेगा कि सभी सदस्य मिल-जुलकर काम करें। सबकी राय, सबका साथ और सबका सम्मान लेकर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे बढ़ना हमारी प्राथमिकता होगी।” 102 दिन का इंतजार खत्म, कांग्रेस को लोकतांत्रिक जवाब : डॉ. सिकंदर कुमार राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने शिमला जिला परिषद में भाजपा की जीत को जनता और लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार चुनाव हुए और परिणाम भाजपा के पक्ष में आया।

