Last Updated: October 26, 2026

Dainik Savera Times Logo

26 पंचायतों के जनादेश की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण : शिवानी ठाकुर

September 9, 2026

26 पंचायतों के जनादेश की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण : शिवानी ठाकुर

शिमला। भाजपा शिमला ग्रामीण मंडल अध्यक्षा एवं जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओगली (खंड सुन्नी) में आयोजित होने वाली खंड स्तरीय अंडर-19 छात्र खेलकूद प्रतियोगिता को लेकर कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायक एवं मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण में “व्यवस्था परिवर्तन” के नाम पर यदि सरकारी कार्यक्रमों में भी राजनीतिक पसंद-नापसंद के आधार पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए चिंताजनक है।

शिवानी ठाकुर ने कहा कि सामने आए आधिकारिक निमंत्रण पत्र के अनुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओगली में 10 से 13 सितंबर 2026 तक जोनल अंडर-19 बॉयज स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में उद्घाटन एवं समापन समारोह के लिए विभिन्न जनप्रतिनिधियों के नाम दिए गए हैं, लेकिन संबंधित जिला परिषद सदस्य को कार्यक्रम की सूचना अथवा निमंत्रण तक नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “मैं किसी निमंत्रण या मंच की मोहताज नहीं हूं। सवाल मेरे व्यक्तिगत सम्मान का नहीं है। सवाल उन 26 पंचायतों की जनता के सम्मान और जनादेश का है, जिनके समर्थन और विश्वास से मैं जिला परिषद सदस्य चुनकर आई हूं। किसी निर्वाचित प्रतिनिधि की उपेक्षा वास्तव में उस जनता की उपेक्षा है जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है।”

विक्रमादित्य सिंह बताएं—जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर दोहरा मापदंड क्यों?

शिवानी ठाकुर ने मंत्री विक्रमादित्य सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विभिन्न मंचों पर स्वयं जनप्रतिनिधि होने और जनप्रतिनिधियों के अधिकार तथा सम्मान की बात करते हैं, लेकिन उनके अपने विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सरकारी कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मंत्री स्वयं जनप्रतिनिधि होने की दुहाई देते हैं और दूसरी तरफ उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों से गायब किया जा रहा है। यह दोहरा मापदंड क्यों?

शिवानी ठाकुर ने कहा कि वह बिना प्रमाण यह आरोप नहीं लगा रही हैं कि मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से किसी अधिकारी को उन्हें आमंत्रित न करने का निर्देश दिया, लेकिन स्थानीय विधायक एवं मंत्री होने के नाते विक्रमादित्य सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि उनके विधानसभा क्षेत्र में ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई और क्या सरकारी संस्थानों पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव है। उन्होंने पूछा कि क्या मेरी गलती केवल इतनी है कि मैं भाजपा से जुड़ी हुई निर्वाचित जनप्रतिनिधि हूं? यदि कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधि होता तो क्या उसके साथ भी यही व्यवहार किया जाता?

स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग स्पष्ट करें—नाम किसके कहने पर छोड़ा गया?

शिवानी ठाकुर ने कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्य और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि सरकारी कार्यक्रम के लिए अतिथियों और जनप्रतिनिधियों की सूची किसने तैयार की, संबंधित जिला परिषद सदस्य को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई और क्या इसके पीछे कोई प्रशासनिक चूक थी या अन्य कारण। उन्होंने कहा कि यदि यह सामान्य प्रशासनिक भूल है तो उसे तत्काल सुधारा जाए, लेकिन यदि किसी राजनीतिक दबाव अथवा व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के कारण निर्वाचित जनप्रतिनिधि को जानबूझकर अलग रखा गया है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल कांग्रेस पार्टी की निजी संपत्ति नहीं हैं। स्कूल बच्चों के हैं, समाज के हैं और जनता के टैक्स से चलते हैं। बच्चों के खेलकूद कार्यक्रमों को राजनीतिक खींचतान का माध्यम बनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

बच्चों के कार्यक्रम में राजनीति नहीं, खेल प्रतिभाओं को मिले प्राथमिकता

शिवानी ठाकुर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बच्चों के खेल कार्यक्रम पर विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। खेलकूद प्रतियोगिता बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने का मंच है और इसमें राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का सम्मान किसी पार्टी का सम्मान नहीं बल्कि जनता के जनादेश का सम्मान है। सत्ता बदलने के साथ सरकारी संस्थानों का चरित्र नहीं बदल सकता और न ही राजनीतिक विचारधारा के आधार पर निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जा सकता है।

शिवानी ठाकुर ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह जनप्रतिनिधियों के अधिकार की बात केवल तब न करें जब मामला उनके अपने अधिकार या राजनीतिक हित का हो। यदि वह वास्तव में जनप्रतिनिधियों के सम्मान में विश्वास रखते हैं तो शिमला ग्रामीण में भाजपा से जुड़े निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी वही सम्मान सुनिश्चित करवाएं जिसकी अपेक्षा वह स्वयं अपने लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण की जनता सब देख रही है। “व्यवस्था परिवर्तन” का अर्थ यदि विपक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों को सरकारी कार्यक्रमों से बाहर करना है तो कांग्रेस सरकार को इसका जवाब जनता के बीच देना पड़ेगा।

शिवानी ठाकुर ने कहा कि वह इस मामले में शिक्षा विभाग से स्पष्ट जवाब मांगती हैं—जिला परिषद सदस्य को सूचना क्यों नहीं दी गई, निमंत्रण सूची किसके निर्देश पर बनी और इस चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा? लोकतंत्र में सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान हर सरकार और हर सरकारी संस्था को करना ही होगा।

📍 Location: शिमला (शिमला)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें