Site icon Dainik Savera Times

यूजीसी नियमों पर उबाल; सचिवालय के बाहर बवाल, वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज

शिमला : यूजीसी के नियमों को वापस लेने और सामान्य वर्ग आयोग के गठन की मांग को लेकर गुरुवार को शिमला में प्रदर्शन उग्र हो गया। छोटा शिमला स्थित सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और फिर लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग सचिवालय के गेट पर चढ़ गए, जबकि पुलिस पर क्रेट फेंकने के भी आरोप लगे। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी द्वारा किया गया महा-आंदोलन और सचिवालय का घेराव करीब 3 से 4 घंटे तक बेहद उग्र रूप में चला।

राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर और राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारी आईएसबीटी शिमला से करीब 7 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए राज्य सचिवालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के बाहर नारेबाजी की और यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। कुछ लोग बसों और गाड़ियों पर चढ़ गए,जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया।

सचिवालय में जबरन दाखिल होने के प्रयास में कुछ प्रदर्शनकारी सीधे मुख्य गेट और सुरक्षा दीवारों पर चढ़ गए। उग्र भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर प्लास्टिक के क्रेट उठाकर भी हमला किया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।
इस बड़े प्रदर्शन और रैली के कारण छोटा शिमला, खलिनी और टूटीकंडी बाईपास की तरफ जाने वाली मुख्य सड़कों पर भारी चक्का जाम लग गया।

 

कई घंटों तक यातायात ठप रहने से राजधानी की सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन का असर छोटा शिमला, कसुम्पटी और संजौली सहित आसपास के क्षेत्रों में यातायात पर पड़ा। बसों को पुराने बस अड्डे से टोलैंड तक ही जाने की अनुमति मिलने के कारण कई स्कूली बच्चों को टोलैंड से छोटा शिमला तक पैदल जाना पड़ा। इससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी हुई।

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नियमों के विरोध में गले में सांकेतिक फंदा और हाथों में हथकड़ियां डालकर भी प्रदर्शन किया। बाद में माहौल बिगड़ता देख हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह खुद सचिवालय से बाहर आए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत करवाकर उनका मांग पत्र ज्ञापन लिया। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ प्रदर्शनकारियों की बैठक करवाने का प्रयास किया जाएगा। उसके बाद ही धरना 5 बजे के लगभग समाप्त हुआ।

Exit mobile version