हिमाचल प्रदेश: शिमला के बचत भवन में भारत सरकार की ‘Call Before You Dig (CBuD)’ मोबाइल ऐप को लेकर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और भूमिगत पाइपलाइन, बिजली केबल, गैस लाइन, ऑप्टिकल फाइबर और अन्य आवश्यक उपयोगिता सेवाओं की सुरक्षा के लिए इस डिजिटल पहल को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऐप की सफलता तभी संभव है, जब सभी संबंधित विभाग अपने-अपने भूमिगत नेटवर्क का सटीक, डिजिटल और नियमित रूप से अपडेट किया गया रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं।
सटीक डेटा के बिना प्रभावी नहीं होगी व्यवस्था
उपायुक्त ने कहा कि यदि किसी स्थान के नीचे मौजूद पाइपलाइन या केबल की सही जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, तो केवल अलर्ट भेजने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। इसलिए सभी विभागों को अपने डेटा का डिजिटलीकरण कर उसे समय-समय पर अपडेट करना चाहिए, ताकि खुदाई से पहले सही जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत खुदाई संबंधी अनुरोध मिलने पर संबंधित विभागों को स्वतः सूचना भेजी जाती है और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
दुर्घटनाओं और सेवा बाधित होने से मिलेगी राहत
कार्यशाला में बताया गया कि दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा संचालित यह ऐप खुदाई शुरू होने से पहले संबंधित क्षेत्र में मौजूद भूमिगत उपयोगिता नेटवर्क की जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे बिजली, गैस, पानी, सीवरेज और इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना कम होती है और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
सभी विभागों और नागरिकों से ऐप अपनाने की अपील
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सरकारी विभागों, नगर निकायों, पंचायतों, निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों और आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की खुदाई शुरू करने से पहले ‘Call Before You Dig (CBuD)’ ऐप का उपयोग अवश्य करें। उन्होंने इसे सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार निर्माण कार्यों के लिए एक प्रभावी डिजिटल माध्यम बताया।
ऐप की प्रमुख सुविधाएं
खुदाई शुरू करने से पहले ऑनलाइन सूचना भेजने की सुविधा। संबंधित विभागों और सेवा प्रदाताओं को स्वतः अलर्ट। बिजली, गैस, पानी, सीवरेज और दूरसंचार नेटवर्क की जानकारी। जीआईएस (GIS) आधारित लोकेशन मैपिंग। खुदाई अनुमति प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय की बचत। मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल दोनों के माध्यम से उपयोग।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यशाला में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, हिमाचल प्रदेश लाइसेंस अथॉरिटी के निदेशक चंद्रभान यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने भूमिगत सार्वजनिक अवसंरचना की सुरक्षा के लिए बेहतर समन्वय और तकनीक आधारित प्रणाली अपनाने पर जोर दिया.
📍 Location: शिमला (शिमला)

