हिमाचल प्रदेश: चंबा ज़िले में अब तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। ज़िले में बिना लाइसेंस के बीड़ी और सिगरेट बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पहली बार पकड़े जाने पर 25,000 रुपये, दूसरी बार 3 लाख रुपये तक और तीसरी बार दोबारा पकड़े जाने पर भी 3 लाख रुपये तक का दंड लगाया जाएगा।
लाइसेंस लेना हुआ अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत अब चंबा ज़िले में बीड़ी और सिगरेट बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
शहरी क्षेत्रों में लाइसेंस नगर परिषदों द्वारा जारी किया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में इसका प्रबंधन स्थानीय पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य न केवल अवैध व्यापार पर रोक लगाना है, बल्कि युवाओं को तंबाकू जैसी घातक लत से दूर रखना भी है।
“तंबाकू मुक्त युवा अभियान” के तहत नई पहल
यह निर्णय “तंबाकू मुक्त युवा अभियान” के तहत लिया गया है, जिसे चंबा पुलिस द्वारा “सक्षम अभियान” के सहयोग से लागू किया जा रहा है। अभियान का मकसद युवाओं को नशे से दूर रखना, तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
अभियान के तहत जिले के स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम, रैलियाँ और कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें युवाओं को तंबाकू सेवन से हतोत्साहित किया जाएगा।
जिले में बढ़ेगा सामाजिक दायित्व
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से जहां अवैध बिक्री पर लगाम लगेगी, वहीं समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना भी मजबूत होगी। अधिकारियों का कहना है कि अब हर विक्रेता को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद न बेचे और सभी नियमों का पालन करे।

