चंबा-किलाड़ मार्ग को मिला रणनीतिक सड़क परियोजना का दर्जा

Chamba-Killar Road Project Upgraded : शिमला। भाजपा राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के अनुसार चंबा-किलाड़ सड़क को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजना में शामिल किया गया है।
रक्षा मंत्रालय के 13 अगस्त 2026 के आदेश में हिमाचल की तीन सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता-II में रखा गया है। चंबा-किलाड़ मार्ग को NHDL मानकों के अनुरूप विकसित करने का प्रावधान है, जिससे चुराह, पांगी और किलाड़ क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
यह निर्णय चुराह, पांगी और किलाड़ जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महाजन ने बताया कि भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने 13 अगस्त 2026 को कार्यालय ज्ञापन संख्या MoD/04/937/2024/D (BR-I) जारी कर राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजनाओं की सूची घोषित की है। इस आदेश के अनुसार परियोजनाओं के विकास एवं रखरखाव की व्यवस्था केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अधीन स्ट्रैटेजिक रोड हेड फंड के माध्यम से की जाएगी। सीमा सड़क संगठन (BRO) की भूमिका भी संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय के आदेश में देशभर की कुल 11 सड़क परियोजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें 7 परियोजनाओं को प्राथमिकता-I तथा 4 परियोजनाओं को प्राथमिकता-II में रखा गया है। हिमाचल प्रदेश से संबंधित चंबा-किलाड़, खानागुंती-लामखागा दर्रा-हरसिल और वांगतु-मुड-अट्टरगू सड़क परियोजनाएं प्राथमिकता-II की सूची में शामिल हैं। हर्ष महाजन ने बताया कि चंबा-किलाड़ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन (NHDL) मानकों के अनुरूप विकसित करने का प्रावधान किया गया है। रक्षा मंत्रालय के ज्ञापन में इस परियोजना के संबंध में नई सड़क के निर्माण पर विचार करने और किलाड़ तक निर्माणाधीन सड़क के साथ प्रस्तावित मार्ग का संरेखण निर्धारित करने का उल्लेख है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय चंबा जिले के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण सौगात है। चंबा-किलाड़ मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि चुराह, पांगी और किलाड़ जैसे दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने वाली जीवनरेखा है। इस मार्ग के विकसित होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने की उम्मीद है। महाजन ने कहा कि चुराह और पांगी जैसे क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण सड़क संपर्क लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। सड़क संपर्क प्रभावित होने पर स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और अन्य दैनिक आवश्यकताओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि रणनीतिक महत्व की परियोजना के रूप में चंबा-किलाड़ मार्ग को शामिल किए जाने से सड़क संपर्क को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से आवागमन, आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। चंबा की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करना मेरी प्राथमिकता : महाजन हर्ष महाजन ने कहा कि चंबा जिले की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में रहा है। इससे पहले भी उनकी पहल और पैरवी के परिणामस्वरूप पठानकोट-चंबा-भरमौर मार्ग को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन लाया गया था। उन्होंने बताया कि पठानकोट-चंबा-भरमौर मार्ग पर अनेक महत्वपूर्ण पास, टनल और ब्रिज प्रस्तावित हैं तथा इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
इस मार्ग के विकास से चंबा और भरमौर क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। महाजन ने कहा कि पठानकोट-चंबा-भरमौर मार्ग को NHAI के अधीन लाने तथा चंबा-किलाड़ मार्ग को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक सड़क परियोजना में शामिल करने के निर्णय चंबा जिले के सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से चुराह, पांगी और किलाड़ जैसे सीमावर्ती एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए बेहतर संपर्क विकास के नए अवसर प्रदान करेगा। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की अपेक्षा है। हिमाचल की तीन परियोजनाएं राष्ट्रीय महत्व की सूची में शामिल हर्ष महाजन ने बताया कि रक्षा मंत्रालय के 13 अगस्त 2026 के आदेश में हिमाचल प्रदेश से संबंधित तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता-II में स्थान दिया गया है।
