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हिमाचल में निवेश बढ़ाने की तैयारी, मुख्यमंत्री सुक्खू ने औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने पर दिया जोर

investment in Himachal

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शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट के सर्वोच्च निगरानी प्राधिकरण की तीसरी बैठक में शिमला से वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने तथा बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए विश्वस्तरीय औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करने के राज्य सरकार के प्रयासों से अवगत करवाया।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के प्रथम चरण के तहत इन्वेस्टमेंट-रेडी औद्योगिक पार्क विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास और कार्यान्वयन ट्रस्ट को दो प्रस्ताव पहले ही प्रस्तुत किए हैं। इन औद्योगिक पार्कों में आधुनिक प्लग-एंड-प्ले आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी प्रस्तावित हैं।

प्रस्तावित परियोजनाओं में जिला ऊना के गांव बीटन में 75 एकड़ क्षेत्र में 80 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक पार्क तथा जिला सोलन के नालागढ़ स्थित मझोली औद्योगिक क्षेत्र में 150 एकड़ क्षेत्र में 154.39 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक पार्क शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से इन दोनों प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया, ताकि इनका कार्यान्वयन जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन ढांचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने तथा बद्दी-नालागढ़ रेल लाइन के विस्तार के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, उद्योगों को बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी, विनिर्माण इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी तथा हिमाचल प्रदेश में निजी निवेश को और प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आधुनिक आधारभूत संरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों के माध्यम से एक सुदृढ़ औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया।

राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम का उद्देश्य औद्योगिक गलियारों का एक नेटवर्क स्थापित करता है जो आर्थिक विकास के इंजन के रूप में काम करेगा, औद्योगिकरण को बढ़ावा देगा और देश में रोजगार के अवसर सृजित करेगा। इस कार्यक्रम में विश्वस्तरीय अवसंरचना के विकास, निवेश को आकर्षित करने और सत्त रूप से औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर फोकस किया गया है। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और प्राधिकरण के सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।

📍 Location: शिमला (शिमला)

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