बिलासपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बिलासपुर जिले के घुमारवीं क्षेत्र के निहारी में वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने वन मित्रों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की। अब वन मित्रों को हर महीने 10 हजार की जगह 12 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सहजन का पौधा भी लगाया।
वन महोत्सव के तहत प्रदेश में करीब 7 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 50 लाख से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
इसके बाद दधोल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भराड़ी उप-तहसील को तहसील बनाने की घोषणा की। उन्होंने हटवाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के दो नए पद, तड़ौन पंचायत में पशु औषधालय और घुमारवीं कॉलेज में एमबीए, एमसीए व एमटीए की पढ़ाई शुरू करने की भी घोषणा की। घंडावली कॉलेज में बीबीए और बीसीए की कक्षाएं शुरू करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त के कार्यक्रमों के बदले प्रदेश के सभी स्कूलों में 17 अगस्त 2026 को छुट्टी रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अब तक 6 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है और आने वाले समय में 4 हजार अन्य शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं तथा राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की जरूरतों को समझकर समय पर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कहते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि हल्दी की प्राकृतिक खेती से किसान एक बीघा जमीन से सालाना एक लाख रुपये तक कमा सकते हैं।
आपदा की स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 23 हजार से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजे की राशि बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के हितों से जुड़े आर्थिक मामलों को मजबूती से उठा रही है। उन्होंने वाइल्डफ्लावर हॉल मामले, किशाऊ बिजली परियोजना और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से जुड़े बकाये का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के अधिकारों और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की बात भी दोहराई। स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए गए हैं और रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं भी शुरू की जा रही हैं।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने अनाथ बच्चों, विधवाओं के बच्चों, किसानों, मछुआरों और युवाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को कम ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से ई-टैक्सी और बसों के लिए सब्सिडी भी दी जा रही है। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...