cm-sukhu-hits-back-over-the-patti-dispute : शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी संपत्ति के लिए सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए सुनियोजित दुष्प्रचार किया जा रहा है।
संपत्ति विवाद पर सुक्खू का पलटवार
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा पिछले 20 वर्षों से चुनावी हलफनामों में पारदर्शी तरीके से दर्ज है और यदि किसी को संदेह है तो ईडी या सीबीआई से जांच कराई जा सकती है। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर ‘चंदा चोरी’ और ‘पेपर लीक’ जैसे मामलों को लेकर भी निशाना साधा तथा कांग्रेस में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह न होने की बात कही। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लगभग 20 साल पहले उन्होंने शिमला में 12 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा था, जिस पर बाद में मकान का निर्माण कराया गया। समय के साथ संपत्ति की बाजार मूल्य (वैल्यू एडिशन) में बढ़ोतरी स्वाभाविक है, लेकिन बीजेपी इसे गलत तरीके से पेश कर उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में दिखाने की राजनीतिक चाल चल रही है।
संपत्ति पर ED-CBI जांच को तैयार: सुक्खू
मुख्यमंत्री ने चुनौती देते हुए कहा, यदि किसी को मेरी संपत्ति पर कोई संदेह है, तो ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) से जांच करा ले। मेरी संपत्ति की पहले भी जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरी किसी संपत्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, बल्कि इसमें कमी ही आई है, जो आगामी चुनावी हलफनामे में साफ दिख जाएगी। एक आम परिवार से आया व्यक्ति भी अपनी मेहनत और ईमानदारी से संपत्ति बना सकता है। विपक्ष द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त और दलबदल के बयानों पर मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि कांग्रेस अपनी विचारधारा से जुड़े निष्ठावान नेताओं के दम पर खड़ी है। यदि कोई राजनीतिक मंडी में बिकना चाहता है या पार्टी छोड़ना चाहता है, तो उसे रोका नहीं जा सकता।
भाजपा पर सुक्खू का बड़ा हमला
उन्होंने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ भाजपा के नेता कांग्रेस में आना चाहते हैं लेकिन भी उन्होंने कहा, जो पार्टी ‘चंदा चोरी’ और ‘पेपर लीक’ जैसे घोटालों में संलिप्त रही है, ऐसे भ्रष्टाचारियों को कांग्रेस में जगह देने का सवाल ही नहीं उठता। वही उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी जी ने भी स्पष्ट कहा है कि शिक्षा मंत्री ऐसा होना चाहिए जो शिक्षाविद हो जो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न करे और पेपर लीक न होने दे।” इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में जारी प्राकृतिक आपदा और मानसूनी नुकसान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से विस्तृत चर्चा की है। चंबा और राज्य के अन्य प्रभावित हिस्सों में हुए भारी नुकसान का संज्ञान लिया गया है।