हिमाचल डेस्क : हिमाचल प्रदेश में नवंबर के अंतिम सप्ताह ने ठंड की दस्तक को और तेज कर दिया है। बता दें कि पहाड़ों में शुष्क ठंड लगातार बढ़ रही है, जबकि मैदानी और निचले इलाकों में घना कोहरा आम जनजीवन को प्रभावित करने लगा है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों की दिनचर्या, यातायात और पानी की उपलब्धता तक पर असर डाला है।
ऊँचाई वाले जिलों में हालात ज्यादा सख्त हो चुके हैं। लाहौल-स्पीति, ताबो, कुकुमसेरी और आसपास के क्षेत्रों में रात का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है। बर्फ जैसे जमाव वाली ठंड की वजह से पेयजल स्रोत भी प्रभावित हो गए हैं। कई गांवों में सुबह उठते ही पानी की पाइपलाइनें जमी मिल रही हैं, जबकि छोटे नाले और झरने बर्फ बन चुके हैं। स्थानीय लोग पानी इकट्ठा करने के लिए दिन के गर्म हिस्से का इंतजार करने को मजबूर हैं।
दूसरी ओर, मंडी, सुंदरनगर और बिलासपुर जैसे मैदानी कस्बों में कोहरे का असर बढ़ने लगा है। बुधवार से इन इलाकों में सुबह के समय दृश्यता काफी कम दर्ज की गई। कोहरे की वजह से सड़क यातायात की रफ्तार धीमी पड़ी है, वहीं ठंड का अहसास भी बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 नवंबर तक देर रात और सुबह के समय इन क्षेत्रों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 2 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश इलाकों में आसमान साफ और मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं। बारिश या बर्फबारी की संभावना फिलहाल कम है। न्यूनतम तापमान में बहुत ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं होगा, जबकि दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की वृद्धि संभावित है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...