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कांग्रेस तालेबंदी वाली सरकार, प्रदेश में विकास के लिए फिर मोदी सरकार : Suresh Kashyap

शिमला : भारतीय जनता पार्टी शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी एंव सांसद सुरेश कश्यप ने ठियोग में पन्ना प्रमुख सम्मेलन में भाग लिया और जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि मतदान का पर्व आ रहा हैं और जिसके लिए आप सबको जुटना पड़ेगा। आप सबका एक-एक वोट मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने में सहायक होगा। अगर सभी यह सोचते रहे कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने राम मंदिर का निर्माण करवा दिया, धारा 370 समाप्त कर दी, महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण भी दिया, मुस्लिम महिलाओं के हित में तीन तलाक वाली प्रथा समाप्त कर दी।

वो सारे काम कर दिए और हमने मान लिया कि वोट अपने आप पड़ जाएगा, लेकिन हमे इस बात को लेकर नहीं चलना चाहिए बल्कि सभी को मेहनत करनी पड़ेगी। हमें घर घर जाकर वोट की अपील करनी पड़ेगी ताकि एक-एक व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी के लिए आगे बड़े और वोट करें। इसलिए मैं आप सबसे ही निवेदन करना चाहूंगा कि अब बैठने का समय नहीं है, रुकने का समय भी नहीं है, हम सबको कढ़ी मेहनत करनी पड़ेगी ताकि चारों की चारों सीटें हम जीत सके और शिमला सीट को चौथी बार जीत कर मोदी जी के हाथों को मजबूत कर सकें।

उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल तक भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने जो काम किये उसी का नतीजा हैं कि प्रदेश में अनेकां संस्थान खुले जिसमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्राइमरी हेल्थ सेंटर व सरकारी दफ्तर शामिल हैं और प्रदेश के लोगों को इसका लाभ भी मिला, लेकिन आज जो सरकार प्रदेश में विराजमान हैं, जो झूठ बोलकर और झूठी गारंटियां देकर सत्ता में आई उसने प्रदेश में इन 16 महीनों में कुछ भी विकास का कार्य नहीं किया, यूं कहें कि एक भी नई इंर्ट लगाने का काम शुरू नहीं किया बल्कि इस निक्कमी सरकार ने कार्यरत 1500 से ज्यादा संस्थानों को बंद कर दिया। इस सरकार को तालेबंदी वाली सरकार के नाम से जाना जाएगा। यह सरकार विकास का एक भी काम नहीं कर पाई और 25 हजार करोड का कर्ज प्रदेश पर चढ़ा दिया।

सुरेश कश्यप ने कहा कि आपदा के समय में हमारी केंद्र सरकार ने प्रदेश की भरपूर मदद की जिसमें जनता के लिए 11,000 मकान दिए, 1782 करोड़ रूपये की राशि राहत के तौर पर हिमाचल प्रदेश को दिये। उन्होंने इस सरकार पर आरोप लगाया कि इस राहत राशि की भी बंदरबांट की तरह चुन-चुन कर अपने चहेते लोगों में बांट दिए। यही कारण है कि इनके 6 विधायक पार्टी को छोड़कर चले गए।

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