शिमला : देश में वंदेमातरम को लेकर चल रहे विवाद की आंच हिमाचल प्रदेश विधानसभा तक पहुंच गई। मानसून सत्र के पहले दिन जैसे ही राष्ट्रगान समाप्त हुआ, भाजपा विधायकों ने तुरंत सदन में राष्ट्रगीत व वंदेमातरम् गाने की मांग की। स्पीकर ने परंपरा का हवाला देते हुए कहा-शुरुआत राष्ट्रगान से होती है और सत्र के समापन पर राष्ट्रगीत गाया जाता है। इसे शुरू में नहीं गाया जा सकता लेकिन भाजपा सदस्यों का कहना था कि इसका गायन अभी होना चाहिए।
देखते-देखते सदन सियासी संग्राम में बदल गया। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ऐसा घमासान मचा कि सदन की कार्यवाही महज 10 मिनट में ही स्थगित करनी पड़ी। शुक्रवार को मानसून सत्र के सदन की कार्यवाही निर्धारित परंपरा के अनुसार राष्ट्रगान से शुरू हुई। जैसे ही राष्ट्रगान समाप्त हुआ, भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् गाए जाने का मुद्दा उठा दिया। विपक्ष ने मांग की कि राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत भी गाया जाना चाहिए।
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों का तर्क था कि देश की संसद ने हाल ही में नया प्रावधान पास किया है, जिसके तहत सरकारी व बड़े कार्यक्रमों की शुरुआत पूरे वंदे मातरम गीत से की जानी चाहिए। उनका कहना था कि विधानसभा को भी इसी नियम का पालन करना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा विधायकों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल विधानसभा की स्थापित परंपरा के अनुसार, कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है और सत्र के समापन पर राष्ट्रगीत गाया जाता है।
स्पीकर ने कहा कि केंद्र सरकार का नया नियम सामान्य सरकारी कार्यक्रमों के लिए है और यह सीधे तौर पर विधानसभा की कार्यवाही और नियमों पर लागू नहीं होता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल विधानसभा की परंपरा राष्ट्रगान के साथ कार्यवाही शुरू करने और समापन पर वंदेमातरम् गाने की रही है। विपक्ष के लगातार विरोध के बीच अध्यक्ष ने पूर्व विधायकों के निधन पर शोकोद्गार की कार्यवाही शुरू करने को कहा। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि इस तरह की नई परंपरा शुरू करना उचित नहीं है।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर में प्रदर्शन के लिए बाहर आए। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान चंदा चोर और राम के नाम पर खा गए चंदा जैसे नारे भी लगाए गए। वहीं, दूसरी ओर भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार पर वंदेमातरम् के अपमान का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस तरह सदन के भीतर शुरू हुआ विवाद विधानसभा परिसर के बाहर भी राजनीतिक टकराव में बदल गया। विपक्ष का हंगामा बढ़ने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित करने की चेतावनी भी दी, लेकिन विपक्षी विधायक शांत नहीं हुए। इसके बाद अध्यक्ष ने करीब 11:10 बजे सदन की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।

