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शिमला: श्रीराम के पोस्टर को लेकर विवाद, BJP ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लगाए आरोप

हिमाचल डेस्क: स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम शिमला ने बैनर लगाया था, जिसमें भगवान राम बाल रूप में कूड़े के ढेर पर बाण मारते हुए नजर आ रहे हैं। अब इस पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पर जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ये सनातन धर्म का अपमान है।

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शिमला जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि नगर निगम ने केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए पोस्टर में बदलाव किया है। शिमला शहर में लगाए गए हैं पोस्टर में भगवान श्रीराम के पांव को कचरे के बीच में दिखाया गया है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए पोस्टर में वह इस कचरे के ढेर से दूर खड़े हैं। उन्होंने निगम पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और इन्हें हटाने को कहा है। वहीं नगर निगम ने इस पर कहा कि ये पोस्टर केंद्र सरकार ने जारी किया है। हमने कोई नया पोस्टर नहीं लगाया है।

देवभूमि संघर्ष समिति के संयोजक भरत भूषण की इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि यह काम जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और भगवान श्रीराम का अपमान करने के इरादे से किया गया है। समिति ने चेतावनी दी गई है कि अगर 24 घंटे के भीतर शहर भर के सभी पोस्टर नहीं हटाए गए तो बड़ा आंदोलन होगा। देवभूमि संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पहले दिन से ही अपने सनातन विरोधी मनसूबे साफ कर दिए थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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