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डिपुओं में मिलेगा प्राकृतिक खेती से तैयार की गई मक्की का आटा

धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के राशन डिपुओं में अब अन्य राशन के साथ मक्की का आटा भी उपभोक्ताओं को दिया जाएगा। यह जानकारी डीएफसी कांगड़ा पुरु षोतम सिंह तंवर ने दी। उन्होंने बताया कि शुरूआती चरण में मक्की का आटा जिला कांगड़ा के कुछ डिपो में भेजा जाएगा और उसके बाद सभी डिपुओं में इसकी सप्लाई भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि युवाओं को खेती बाड़ी के पेशे से जोड़ने के लिए सुक्खू सरकार ने अहम फैसला लिया है। ग्रामीणों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए सुक्खू सरकार प्राकृतिक खेती से तैयार पारंपरिक फसलों को किसानों से महंगे भाव में खरीदने की योजना लेकर आई है। इसी के तहत मक्की खरीदी जा रही है।

इस योजना के तहत सरकार पहली बार किसानों से प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की फसल को 30 रु पए प्रति किलो के हिसाब से खरीद रही है। जिसके लिए प्रदेशभर में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत किसानों से मक्की खरीदी जा चुकी है। ऐसे में प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की खपत बढ़ाने के लिए सरकार ने डिपुओं में मक्की का आटा बेचने की योजना तैयार की है। इसके तहत हिमाचल के डिपुओं में पहली बार बिना कीटनाशकों और रसायनों से तैयार की गई मक्की का आटा मिलेगा। ये मक्की का आटा एक किलो और पांच किलो की पैकिंग में उपलब्ध होगा। इसका मूल्य 80 रुपए प्रति किलो होगा, जिसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने फ्लोर मिलों से मक्की की पिसाई करवा ली है।

जल्द मक्की का आटा उचित मूल्यों की दुकानों में बेचने के लिए उपलब्ध होगा। खासकर शहरी क्षेत्नों में सर्दियों के मौसम में मक्की के आटे की काफी अधिक मांग रहती है। प्रदेश भर में प्राकृतिक खेती करने वाले 3,218 प्रमाणति किसान चयनित किए गए हैं। बता दें कि इस साल लाहौल-स्पीति और किन्नौर के अलावा अन्य 10 जिलों में प्राकृतिक खेती से 13.304 हेक्टेयर भूमि पर 27,768 मीट्रिक टन मक्की तैयार की गई है. इसमें से 508 मीट्रिक टन अतिरिक्त मक्की सरकार किसानों से खरीदेगी। इस सीजन में 92,516 किसानों ने प्राकृतिक खेती से मक्की की फसल तैयार की है। जिसमें खरीद के लिए विभाग ने 3,218 किसान चयनित किए हैं।

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