
CPM Protests in Kullu Over Voter Rights : कुल्लू। मताधिकार, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और आंदोलनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में सीपीएम की जिला कमेटी ने प्रदर्शन किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई। सीपीएम नेता राजेश ठाकुर ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए और पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीपीएम जिला सचिवालय सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के मताधिकार पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नामों को लेकर सामने आए आंकड़े बेहद गंभीर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नामों को हटाए जाने की प्रक्रिया ने पात्र नागरिकों के मताधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। राजेश ठाकुर ने मांग की कि मतदाता सूचियों से संबंधित पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए तथा जिन पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें तत्काल बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार है और इसकी रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और जनता के विश्वास को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाबदेही के साथ समाधान किया जाना चाहिए। राजेश ठाकुर ने आंदोलनकारियों पर कथित पुलिस दमन और सीपीएम नेताओं की गिरफ्तारियों पर भी कड़ा विरोध जताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले आंदोलनकारियों को पुलिस कार्रवाई के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है तथा सीपीएम नेताओं को तानाशाहीपूर्ण तरीके से गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार को जनता की आवाज दबाने के बजाय उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, मजदूरों और किसानों की समस्याओं के बीच लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
सीपीएम हमेशा मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों और मेहनतकश जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी जनता के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। राजेश ठाकुर ने ऐलान किया कि सीपीएम इस आंदोलन को आने वाले समय में और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा, लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने, पुलिस दमन का विरोध करने और गिरफ्तार किए जा रहे पार्टी नेताओं के समर्थन में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
उन्होंने आम जनता, मजदूरों, किसानों, युवाओं और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली सभी ताकतों से एकजुट होकर इस संघर्ष में शामिल होने की अपील की। अंत में सीपीएम जिला कमेटी कुल्लू ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष लगातार जारी रहेगा। पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों और कथित दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन को व्यापक बनाने का संकल्प लिया।