रामपुर बुशहर(मीनाक्षी): हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर के ब्रांदली में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी देवता साहिब छतरखंड पंचवीर का पावन जन्म दिवस पूरे श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक अवसर पर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु दूर-दराज के गांवों से रामपुर पहुंचे और देव परंपरा के इस महोत्सव में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
सुबह से ही देवालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक वेशभूषा में सजे देव कारिंदों और स्थानीय लोगों ने देवता साहेब छतरखंड पंचवीर की शोभायात्रा में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों, करनाल और रणसिंघों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। शोभायात्रा के दौरान “देवता साहेब की जय” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर देवता साहेब की विशेष पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ और पारंपरिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। देव विद्वानों और पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मान्यता है कि देवता साहेब छतरखंड पंचवीर अपने क्षेत्र के रक्षक हैं और उनकी कृपा से प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा होती है। जन्म दिवस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक नृत्य और लोकगीत प्रस्तुत कर देव संस्कृति को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई, जिससे आयोजन में सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे की झलक देखने को मिली।
देव परंपरा से जुड़े स्थानीय बुजुर्गों ने बताया कि देवता साहेब छतरखंड पंचवीर का जन्म दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करता है।
प्रशासन और स्थानीय समितियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस दौरान देवता साहेब के मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया। सभी श्रद्धालु यहां से भंडारा ग्राहण करने के बाद ही वापस लौट गए।

