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Slovak Academy of Sciences के प्रतिनिधिमंडल ने HPU का किया दौरा

शिमलाः स्लोवाक एकेडमी ऑफ साइंसेज के तीन वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के निदेशक प्रो स्टैनिस्लाव कोजमैन लैब के नेतृत्व में प्रोफेसर पीटर बाराथ और प्रो जारोस्लाव काटरलिक के साथ विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ भविष्य के शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग की संभावनाओं के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का दौरा किया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य एसपी बंसल ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों संस्थानों को अपनी शोध विशेषज्ञता का उपयोग सामान्य हित के क्षेत्रों में करना चाहिए ताकि छात्र, संकाय और शोधकर्ता दोनों संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग कर शैक्षणिक लाभ प्राप्त कर सकें।

आचार्य बंसल ने आगे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) की आवश्यकताओं के अनुसार इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, जहां शीर्ष अध्ययन अभ्यास के रूप में व्यावहारिक कौशल को अनिवार्य बना दिया गया है। दौरे पर आए वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया और यह सिफारिश की गई कि इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए एमओयू के मसौदे का आदान-प्रदान किया जा सकता है ताकि भविष्य की कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों के आदान-प्रदान के बाद सहयोग को चिन्हित क्षेत्रों में मजबूत किया जा सके। दोनों संस्थानों के अपने-अपने फायदे हैं जिनका उपयोग शिक्षाविदों के विकास के साथ-साथ अनुसंधान के लिए भी किया जा सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अनुसंधान सुविधाओं, विशेष रूप से जैव प्रौद्योगिकी ऊष्मायन केंद्र का भी दौरा किया और विश्वविद्यालय द्वारा किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। संस्थानों के बीच सहयोग के संभावित क्षेत्र जीवन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्म जीव विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान और आईटी सहित अन्य संबंधित विषय हो सकते हैं। एमओयू के आदान-प्रदान के बाद संयुक्त गतिविधि को मजबूत करने के लिए कुलपति प्रो एसपी बंसल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही स्लोवाक एकेडमी ऑफ साइंसेज का दौरा करेगा। अन्य लोगों में प्रति-कुलपति आचार्य ज्योति प्रकाश, डीन प्लानिंग एंड टीचर्स मैटर आचार्य अरविंद भट्ट, रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष आचार्य बलजीत सिंह और निदेशक अनुसंधान एमडीयू रोहतक डॉ. अनिल छिल्लर मौजूद थे।

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