कुल्लूः अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में देवता के साथ जो बजंतरी आते हैं उन्हें नजराना पहले ही दिया जाना चाहिए। क्योंकि बजंतरी वह लोग होते हैं, जो आर्थिक रूप से भी कमजोर होते हैं और 7 दिनों तक वह यहां देवी देवताओं की सेवा में उपस्थित रहते हैं। लेकिन कारदार संघ के द्वारा जो नजराना रद्द करने का प्रस्ताव दिया गया है। वह बिल्कुल भी सही नहीं है और प्रशासन को चाहिए कि वह कारदार संघ का प्रस्ताव रद्द करें।
जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर के अटल सदन में पत्रकार बातों को संबोधित करते हुए देव संस्कृति चैरिटेबल संस्था के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति की बैठक में प्रशासन के द्वारा पहले तय किया गया कि बजंतरी संघ को पहले ही नजर आने के तौर पर 23-23 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। लेकिन अगले दिन ही कारदार संघ के द्वारा प्रस्ताव दिया गया कि यह राशि पहले ना दी जाए। जबकि कारदार संघ की कार्यकारिणी का कार्यकाल साल 2024 में पूरा हो चुका है। ऐसे में कारदार संघ को किसी भी प्रस्ताव को लिखने की अनुमति नहीं है। बतौर कारदार वह अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं।
ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन को भी अब एक पत्र भेजा जाएगा और उसमें मांग रखी जाएगी की जिला कुल्लू कारदार की जो कार्यकारिणी है उसमें 136 कारदार ऐसे हैं जो फर्जी तरीके से कारदार बने हुए हैं। राजस्व दस्तावेजों में भी उनके कारदार होने का कोई प्रमाण नहीं है। ऐसे में हर साल दशहरा उत्सव समिति के द्वारा लाखों रुपए नजराना ऐसे कारदारों को दिया जा रहा है उस पर भी रोक लगनी चाहिए।
ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि देवी देवताओं की जमीन का मुद्दा हाई कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन कई कारदार ऐसे हैं जिन्होंने देवी देवताओं की जमीन बेच दी है और आज देवी देवताओं के पास कोई भी जमीन नहीं बची हुई है।।ऐसे में यह सब बातें भी वह हाई कोर्ट के समक्ष रखेंगे और जिन कारदारों के द्वारा देवी देवताओं की जमीन बेची गई होगी। उन पर भी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
देव संस्कृति चैरिटेबल संस्था के अध्यक्ष ओम प्रकाश ठाकुर ने कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को भी आड़े में लेते हुए कहा कि जब वह सत्ता में नहीं थे। तो उन्होंने कहा था कि दशहरा उत्सव एक सामाजिक उत्सव है और इसमें खर्च की जाने वाली राशि का भी पूरा हिसाब लिया जाएगा। लेकिन सत्ता में आने के बाद अब इस बात को भूल गए हैं।
उन्होंने कहा था कि रघुनाथ मंदिर में जो चढ़ावा चढ़ता है वह आम जनता के द्वारा दिया जाता है। इसलिए इसका भी हिसाब सभी को पता होना चाहिए। लेकिन आज सत्ता में आने के बाद वह भाजपा के लोगों को ही तरजीह दे रहे हैं। एक तरफ तो भाजपा के लोग कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं। तो वहीं दूसरी तरफ दशहरा उत्सव समिति की बैठक में कांग्रेस विधायक सुंदर ठाकुर के द्वारा भाजपा नेताओं का सम्मान किया जाता है। ऐसे में कांग्रेस विधायक सुंदर ठाकुर को चाहिए कि वह भी इस मामले में एक तरफा कार्रवाई करें और देव नीति के बीच राजनीति का हस्तक्षेप बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
📍 Location: Kullu (Kullu)

