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मनिकरण घाटी के विकास को सरकार की प्राथमिकता, सड़क सुधार पर रहेगा विशेष फोकस: Vikramaditya Singh

Vikramaditya Singh

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कुल्लू: लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि मनिकरण घाटी के विकास के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से उनका और उनके परिवार का पुराना जुड़ाव रहा है और सरकार यहां पर्यटन, सड़क तथा आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मंत्री बुधवार को मनिकरण घाटी में आयोजित जिला परिषद सदस्य प्रवीन ठाकुर के आभार कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भुंतर मनिकरण मार्ग पार्वती घाटी की प्रमुख जीवनरेखा है, इसलिए इसके स्थायी सुधार और मजबूती के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सड़क कसोल, मनिकरण, मलाणा, तोश और बरशैणी जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को जोड़ती है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते इस मार्ग को कई बार नुकसान पहुंचा है, जिसके समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि सड़क के विस्तार और बेहतर निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों में नदी के दूसरी ओर से वैकल्पिक सड़क बनाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर भुंतर–मनिकरण सड़क के उन्नयन के लिए विशेष आर्थिक सहायता की मांग करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए केंद्र से आवश्यक सहयोग मिलेगा।

लोक निर्माण मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक महीने के भीतर सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों में टारिंग और पैचवर्क का काम पूरा किया जाए। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत कुल्लू मंडल की 17 सड़कों के लिए 167 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिनमें मनिकरण घाटी की तीन सड़कें भी शामिल हैं।

उन्होंने आगामी सेब सीजन को देखते हुए अधिकारियों को जिले की मुख्य और संपर्क सड़कों को बेहतर स्थिति में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार मशीनरी की व्यवस्था पहले से की जाए और सड़क रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की लगातार पैरवी के बाद सीआरआईएफ (रोड) 2026-27 के तहत हिमाचल प्रदेश को 239.45 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मंजूरी मिली है। इसमें छैला–नेरिपुल–यशवंत नगर–कुमारहट्टी मार्ग के लिए 203.52 करोड़ रुपये और टिक्कर–जरोल–खमाड़ी सड़क के लिए 35.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से प्रदेश के बागवानी क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और किसानों व बागवानों को लाभ पहुंचेगा।

कार्यक्रम में एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेस राम आजाद, जिला परिषद सदस्य प्रवीन ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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