
Digital training for visually impaired youth : कुल्लू। दृष्टिबाधित युवाओं को आधुनिक डिजिटल तकनीक से जोड़कर उनके दैनिक जीवन को आसान और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ढालपुर स्थित बचत भवन में कार्यशाला आयोजित की गई। नेशनल फेडरेशन फॉर द ब्लाइंड की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब और दिल्ली से आए दृष्टिबाधित युवाओं ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने उन्हें विभिन्न डिजिटल डिवाइस और तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी, जबकि कुल्लू पुलिस की ओर से एसएचओ उमा ठाकुर भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
इस कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ बाहरी राज्यों से भी आए दृष्टिबाधित युवाओं के द्वारा भाग लिया गया और यहां पर डिजिटल तकनीक के माध्यम से अपने जीवन को सामान्य बनाने के बारे में भी जानकारी ली गई। वही कुल्लू पुलिस की ओर से एसएचओ उमा ठाकुर भी कार्यशाला में मौजूद रही। नेशनल फेडरेशन फॉर ब्लाइंड के वाइस प्रेसिडेंट संतोष कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य मकसद था कि जो भी दृष्टि बाधित युवा है वह नई डिजिटल डिवाइस के बारे में जानकारी ले और उसके माध्यम से अपने जीवन को सामान्य बना सके।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और दिल्ली से आए युवाओं ने भी भाग लिया और उन्हें यहां दृष्टिबाधित व्यक्ति के जीवन में प्रयोग आने वाली विभिन्न प्रकार की नई डिजिटल तकनीक के बारे में जानकारी प्रदान की गई। बाइट – संतोष वही, कुल्लू पुलिस की ओर से आई अधिकारी उमा ठाकुर ने बताया कि यहां पर दृष्टिबाधित लोगों के जीवन को सामान्य बनाने के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी गई। क्योंकि दृष्टिबाधित होने के चलते उन्हें कई बार अपने जीवन में समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।
ऐसे में आज कई तरह की नई तकनीक दृष्टिबाधित युवाओं के लिए बनाई गई है। जिससे वह अपने रोजमर्रा के कार्यों को आसान कर सकते हैं।
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