Dream of a permanent house realized : कुल्लू। हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री विधवा, एकल, निराश्रित एवं दिव्यांग महिला आवास योजना जरूरतमंद महिलाओं के लिए सहारा बन रही है। मंडी जिले में योजना के तहत एकल नारियों को पक्के मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वर्षों से कच्चे और जर्जर घरों में रह रहीं महिलाओं के सुरक्षित आशियाने का सपना अब साकार हो रहा है।
यह कहना है सियूंह गांव की पदमा देवी का। दशकों पहले पति को खो चुकीं पदमा ने जैसे-तैसे बच्चों का पालन-पोषण तो कर लिया, लेकिन एक अदद पक्का मकान उनको नसीब नहीं हो पा रहा था। ऐसे में उनके सपनों को साकार करने में सहारा बनी “सुक्खू सरकार” की मुख्यमंत्री विधवा, एकल, निराश्रित, दिव्यांग महिला आवास योजना। योजना के तहत प्राप्त सहायता राशि से पदमा देवी के पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में राज्य सरकार के अथक प्रयासों से प्रदेश की एकल नारियों को इस योजना के तहत पक्के आशियाने उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
मनरेगा में 100 दिन का कार्य पूरा करने वाली पात्र महिलाओं को इस आवास योजना के तहत हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से मकान निर्माण के लिए तीन लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। *जीवन के कठिन दौर में राज्य सरकार से मिला संबल* पधर तहसील के गांव सियूंह की पदमा देवी बताती हैं कि वर्ष 2007 में पति के निधन के बाद जब उनके बच्चे छोटे थे, तभी से परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उन्होंने खेती-बाड़ी की, घरेलू सब्जियां उगाईं और नारला में इन्हें बेचकर परिवार का गुजारा किया। इसके साथ-साथ वह मनरेगा में भी काम करती रहीं। वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को मजबूर था।
मनरेगा में काम करते हुए उन्हें आवास योजना की जानकारी मिली। कामगार कल्याण बोर्ड में आवेदन के बाद उन्हें मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत हुई। दो किस्तें मिलने के बाद उनके मकान का स्लैब तैयार हो चुका है। अब अंतिम किस्त मिलने पर मकान का शेष निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। पदमा देवी कहती हैं कि जीवन के कठिन दौर में राज्य सरकार की ओर से मिली यह सहायता उनके लिए बहुत बड़ा संबल बनी है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस योजना से उनके जैसे अनेक एकल परिवारों को अपने पक्के घर का सपना पूरा करने की उम्मीद जगी है।

