Site icon Dainik Savera Times

अब मनाली से कुल्लू के बीच भी नदी में होगी ड्रेजिंग, सड़कों को नहीं होगा बाढ़ का खतरा

kullu news

https://dainiksaveratimes.com/wp-content/uploads/2026/08/1001067157.mp4
https://dainiksaveratimes.com/wp-content/uploads/2026/08/1001067150.mp4

कुल्लूः  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में बहने वाली ब्यास नदी की बाढ़ से अब लोगों को खतरा न हो। इसके लिए उत्तराखंड की तर्ज पर ड्रेसिंग पॉलिसी अपनाई गई है और ब्यास नदी में तीन स्थानों पर ड्रेजिंग भी की जा रही है। ऐसे में जिला कुल्लू में अब पांच अन्य स्थानों पर वन विभाग के द्वारा ड्रेजिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए इन साइटों की एफसीए मंजूरी के लिए उसे भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया है और जल्द ही इन पांच साइट को भी स्वीकृति मिल जाएगी।

हालांकि जिला कुल्लू आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा 60 स्थान में ड्रेजिंग करने का प्रस्ताव रखा गया है। ऐसे में चरणबद्ध तरीके से बाकी अन्य साइट पर भी ड्रेजिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। ताकि बादल फटने या फिर नदी नालों में बाढ़ आने की स्थिति में साथ लगते रिहायशी इलाकों को नुकसान न झेलना पड़े।

जिला कुल्लू वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में कुल्लू के लंका बेकर, भुंतर के जिया संगम स्थल और भुंतर एयरपोर्ट के पास ड्रेजिंग का कार्य किया जा रहा है। यहां से निकलने वाले मलबे के चलते वन विभाग को अब तक एक करोड़ 70 लाख रुपए की आमदनी भी हुई है। इन दिनों जिला कुल्लू में बरसात का सीजन चल हुआ है और नदी नाले भी उफान पर है। ऐसे में फिलहाल इस कार्य को बंद कर दिया गया है। 15 सितंबर से इन तीनों स्थानों पर ड्रेजिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा जिला कुल्लू के पर्यटन नगरी मनाली से कुल्लू के बीच ब्यास नदी में तीन स्थानों को भी ड्रेजिंग के लिए चिन्हित किया गया है।

वहीं सैंज घाटी में भी एक जगह पर ड्रेजिंग का कार्य किया जाएगा और मणिकर्ण घाटी में बहने वाली पार्वती नदी में भी एक स्थान को ड्रेजिंग के लिए चिन्हित किया गया है। इन पांच साइट को जैसे ही एफसीए की मंजूरी मिलती है। तो उसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद नदी से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

जिला कुल्लू वन निगम के मंडलीय प्रबंधक कानाराम गोदारा ने बताया कि जिला कुल्लू में फिलहाल 3 सीटों पर ड्रेजिंग का कार्य हो रहा है और मलबे को बेचकर वन विभाग को आमदनी भी हो रही है। फिलहाल बरसात के चलते यह कार्य बंद किया गया है और 15 सितंबर के बाद फिर से यह कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू में पांच अन्य साइटों को चिन्हित कर लिया गया है और एफसीए के मंजूरी के लिए यह मामला केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और पांच अन्य स्थानों पर भी ड्रेजिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।

📍 Location: KULLU (Kullu)

Exit mobile version