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अप्पर Shimla की सड़कों पर जरा संभल कर चलाएं वाहन, ऑटोमेटिक कट सकता चालान

शिमला : रफ्तार के शौकिन वाहन चालक अप्पर शिमला की सड़कों पर जरा संभल कर चलाए वाहन। अब यातायात नियमों की अवहेलना की तो खैर नहीं। क्योंकि अब राजधानी से अप्पर शिमला जाते या आते फागू के आसपास आपको पुलिस नहीं दिखेगी पर आप ने कब और कहा यातायात नियमों की अवहेलना की इसका मैसेज आपके मोबाईल पर जरूर दिखेगा। चूंकि पुलिस ने अब बिगड़ैल चालको पर शिकंजा कसने के लिए फागू के पास सीसीटीवी कैमरे और इंफ्रारेड डिवाइस लगा दिए है। बहराल अभी अगले दस दिनों तक ट्रायल चल रहा है, लेकिन 15 जनवरी से इसे लागू कर दिया जाएगा। फागू के पास लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और इंफ्रारेड डिवाइस की मदद से ओवर स्पीड, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाना, बाइक पर बिना हेलमेट के चलना, दो की जगह तीन लोगों को बिठाना तो ऑटोमेटिक तरीके से चालान कटेंगे। चालान कटने का मैसेज मालिक के मोबाइल पर आएगा। यह एएनपीआर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉनाइजेशन सीसीटीवी कैमरे से होंगा। कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर चालक की ओर से किए गए यातायात उल्लंघन को रिकॉर्ड कर उसकी फोटो उस दिन
की तारीख व समय के साथ सीधे कंट्रोल रूम को भेज देंगे।

पुलिस ने इसके साथ ही ऑटोमेटिक चालान सिस्टम इंस्टॉल करने के साथ ही शिमला शहर के ट्रैफिक को रेगुलेट करने का भी खाका भी तैयार किया गया है। इस व्यवस्था के तहत शिमला में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर चालान करने के लिए पुलिस की मौजूदगी की जरूरत नहीं होगी। बता दे कि हिमाचल पुलिस ई-चालान सिस्टम लागू कर चुकी है। इसके तहत अभी तक पुलिस के जवान गाड़ियों का नंबर मशीन में फीड करते हैं। इसे उस गाड़ी की पूरी डिटेल पुलिस को मिलती है। इस तरह जिस नियम का उल्लंघन किया है उसके तहत गाड़ी का चालान कर दिया जाता है। इस तरह ऑटोमेटिक चालान के लिए ई-चालान जरूरी है जो कि शिमला में शुरू किया जा चुका है।

पहले चरण में यहां होगी व्यवस्था: एसपी

शिमजा जिला की एसपी डॉ. मोनिका भुटूंगरू का कहना है कि फागू में इसका ट्रायल शुरू हो गया है। दूसरे चरण में मैहली, टूटीकंडी, फागू, नव बहार और आईएसबीटी में इन कैमरों को लगाया जाएगा। जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा

कैसे होगा ऑटोमेटिक चालान, सिस्टम किस तरह करेगा काम

ऑटोमेटिक चालान सिस्टम के तहत सीसीटीवी कैमरे जहां गाड़ियों की पूरी पिक्चर लेंगे वहीं इंफ्रारेड डिवाइस या सेंसर यह चेक करेंगे कि कोई गाड़ी ओवर स्पीड तो नहीं है। अगर कोई ओवर स्पीड है तो उस गाड़ी के नंबर प्लेट को रीड कर कंप्यूटराइज्ड तरीके से चालान तैयार होगा जो कि वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर चला जाएगा। इसी तरह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन को भी यह डिटेक्ट करेगा और चालान काटेगा। अगर कहीं ट्रैफिक लाइटें लगी हैं और कोई चालक ट्रैफिक लाइट को जंप करता है तो उसका चालान भी ऑटोमेटिक तरीके से होगा।

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