शिमला: पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक कदम आगे बढ़ाते हुए नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक NDPS मामले में आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी करीब 4 करोड़ 13 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। पुलिस की इस कार्रवाई में जमीन, मकान, अपार्टमेंट, होम-स्टे और लग्जरी वाहनों समेत कुल 20 संपत्तियां शामिल हैं।
यह मामला पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 107/2024 से जुड़ा है। 14 अगस्त 2024 को दर्ज इस मामले में NDPS Act की धारा 21 और 29 के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में 13 अगस्त 2024 को पुराना बस स्टैंड शिमला स्थित एक होटल से सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली और रोहित पाण्डे निवासी आरा, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली के कब्जे से करीब 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले और नशे के नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। वर्ष 2026 में पुलिस ने इस मामले में वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों तथा आय के स्रोतों की पड़ताल की गई।
वित्तीय जांच में 9 आरोपियों और 10 एसोसिएट्स/सहयोगियों, यानी कुल 19 व्यक्तियों से जुड़ी संपत्तियां चिन्हित की गईं। इनमें दो रेजिडेंशियल लैंड प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा, टाटा नेक्सन समेत अन्य वाहन शामिल हैं। इन कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 4.13 करोड़ रुपये आंका गया है।
पुलिस के अनुसार वित्तीय जांच के दौरान इन संपत्तियों को खरीदने या अर्जित करने के लिए आरोपियों और उनके सहयोगियों की कोई पर्याप्त ज्ञात एवं वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया। उपलब्ध वित्तीय और संपत्ति संबंधी तथ्यों के परीक्षण के आधार पर इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन यानी Drug Proceeds से जुड़ा पाया गया। इसके बाद NDPS Act के प्रावधानों के तहत इन्हें जब्त करने की कार्रवाई की गई।
2026 में 15 मामलों में 12.52 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त
शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 15 NDPS मामलों में 68 आरोपियों और उनके एसोसिएट्स की 12.52 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। इनमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल लैंड प्लॉट, आवासीय अपार्टमेंट, कमर्शियल दुकानें, लग्जरी एवं कमर्शियल वाहन, बैंक डिपॉजिट, नकदी और सोने के आभूषण जैसी संपत्तियां शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई अब केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। नशे के कारोबार की आर्थिक रीढ़ पर प्रहार करते हुए ड्रग मनी से बनाई गई संपत्तियों को भी कानून के तहत जब्त किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 और 2025 में इस प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई थी, जबकि वर्ष 2026 में आर्थिक जांच को नशा विरोधी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
📍 Location: शिमला (शिमला)

