हिमाचल डेस्कः प्रदेश में चिट्टा सेवन और तस्करी के मामलों में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता लगातार सामने आ रही है। ताजा मामले में बिलासपुर पुलिस ने एक पुलिस जवान और बिजली बोर्ड के कर्मचारी को 2.85 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस जवान को दूसरी बार चिट्टे के साथ पकड़ा गया है।
जानकारी के अनुसार, सदर थाना पुलिस ने सुंगल क्षेत्र के पास नाकाबंदी कर रखी थी। इस दौरान एक कार को जांच के लिए रोका गया, जिसमें सवार दोनों व्यक्तियों के पास से 2.85 ग्राम चिट्टा और 70,500 रुपये नकद बरामद किए गए।
एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सदर थाना पुलिस ने एसएचओ राजेश पराशर की अगुवाई में की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजली बोर्ड कर्मचारी सुरेंद्र कुमार (37), निवासी गांव बागी, बनौला, जिला बिलासपुर और पुलिस जवान विशाल कुमार (32), निवासी गांव बिनौला, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है।
गौरतलब है कि पुलिस जवान विशाल कुमार को इससे पहले 3 जनवरी 2025 को भी चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद वह दोबारा चिट्टा तस्करी में सक्रिय पाया गया।
शिमला से करवाई थी बिलासपुर में दोबारा तैनाती
पहली गिरफ्तारी के बाद विशाल कुमार को शिमला में तैनाती दी गई थी, लेकिन बाद में उसने कथित तौर पर सेटिंग करवा कर दोबारा बिलासपुर में अपनी पोस्टिंग करवा ली। वर्तमान में वह विजिलेंस बिलासपुर में अटैच था। पुलिस को लंबे समय से उसके ड्रग तस्करी में संलिप्त होने की सूचनाएं मिल रही थीं। बताया जा रहा है कि आरोपी न केवल नशे का आदी है, बल्कि चिट्टे की सप्लाई भी करता था।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में अब तक चिट्टा तस्करी में 60 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की भूमिका सामने आ चुकी है। सरकार और विभागीय स्तर पर ऐसे कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।

