धर्मशाला: प्रदेश सरकार ने इस वर्ष शराब के ठेकों की नीलामी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार ई-ऑक्शन प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अब पारंपरिक बोली प्रक्रिया के स्थान पर ऑनलाइन माध्यम से ठेकों का आवंटन किया जाएगा। आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राजस्व जिला कांगड़ा में कुल 348 शराब ठेके हैं, जिनमें चार देसी झोल के ठेके भी शामिल हैं। विभाग ने इस बार ठेकों का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 283.75 करोड़ रुपए निर्धारित किया है।
ई-ऑक्शन की प्रक्रिया 25 फरवरी शाम 6:55 बजे से शुरू होकर 27 फरवरी शाम 6:15 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान शराब कारोबारी अपने आवश्यक दस्तावेज निर्धारित पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। इसके बाद 27 फरवरी से 2 मार्च तक विभाग द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों की जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत 3 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ई-ऑक्शन के माध्यम से ठेकों की अंतिम बोली लगाई जाएगी। सर्वाधिक बोली लगाने वाले आवेदक को संबंधित ठेका या यूनिट आवंटित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष आबकारी विभाग को नीलामी प्रक्रिया में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। महंगे आरक्षित मूल्य के चलते कई ठेकेदारों ने बोली प्रक्रिया से दूरी बना ली थी।
स्थिति यह रही कि 22 जून तक बोली करवाने के बाद प्रक्रिया पूरी हो पाई थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के उद्देश्य से ई-ऑक्शन प्रणाली लागू की गई है। प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ नीलामी प्रक्रिया भी समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...