मंडी: जिला के लूणापानी में राजेश गुलेरिया द्वारा करीब 1.18 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आवश्यक तेल निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण इकाई आरके एरोमैटिक्स का संयुक्त निरीक्षण दल (JIT) ने निरीक्षण किया तथा इकाई का औपचारिक उद्घाटन किया। निरीक्षण एवं उद्घाटन कार्यक्रम का नेतृत्व परियोजना निदेशक समेकित बागवानी विकास मिशन(MIDH), हिमाचल प्रदेश डॉ. माला शर्मा ने किया।
इस अवसर पर उपनिदेशक उद्यान मंडी डॉ. संजय गुप्ता, खाद्य प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ शिमला डॉ. अंजना जस्टा, विषय विशेषज्ञ (उद्यान) सुंदरनगर डॉ. राजेश कुमार शर्मा, उद्यान विकास अधिकारी बल्ह डॉ. शिवाली, उद्यान प्रसार अधिकारी बल्ह प्रीतिका, वैज्ञानिक डॉ. वसुधा अग्निहोत्री, जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, मोहल, कुल्लू तथा पंजाब नेशनल बैंक के प्रतिनिधि एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।

उप निदेशक उद्यान संजय गुप्ता ने बताया कि यह इकाई हिमाचल प्रदेश उद्यान विभाग द्वारा संचालित समेकित बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत द्वितीयक प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन उद्यम के रूप में स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुगंधित एवं बागवानी संसाधनों का व्यावसायिक उपयोग करते हुए प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है।
उन्होंने ने बताया कि उद्यमी राजेश गुलेरिया ने वर्ष 2025-26 में पुष्प क्रांति योजना के तहत जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, मोहल, कुल्लू में पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सुगंधित पौधों, आवश्यक तेल निष्कर्षण, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की व्यावहारिक जानकारी हासिल की। इसके बाद स्थानीय संसाधनों की संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने परियोजना तैयार की और MIDH के तहत सहायता प्राप्त कर इकाई स्थापित की।
इकाई में टैगेटिस, कैलमस, क्लेरी सेज, पामारोजा, आर्टेमिसिया तथा जंगली खुबानी एवं खुबानी गिरी के तेल जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके लिए स्थानीय किसानों एवं संग्राहकों से कच्चे वनस्पति पदार्थ की खरीद की जाएगी, जिससे सुगंधित फसलों की खेती तथा सतत उपयोग को प्रोत्साहन मिलने के साथ किसानों की अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ेंगे। इकाई का अनुमानित वार्षिक कारोबार करीब 2.46 करोड़ रुपये है।
इकाई में आधुनिक प्रसंस्करण मशीनरी के साथ गैस क्रोमैटोग्राफी (GC) आधारित गुणवत्ता विश्लेषण सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह पहल प्राथमिक उत्पादन से आगे बढ़कर द्वितीयक प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण रोजगार तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
📍 Location: Mandi (Mandi)