नग्गर, कुल्लू: प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्देशक, निर्माता और पटकथा लेखिका किरण राव ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के नग्गर स्थित कुल्लवी व्हिम्स (Kullvi Whims) स्टूडियो का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हिमालय की पारंपरिक हस्तकला, स्थानीय ऊन और महिला कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तनिर्मित उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अपने दौरे के दौरान किरण राव ने स्थानीय महिला कारीगरों से मुलाकात की और उनके काम को करीब से देखा। उन्होंने महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों और पारंपरिक शिल्प कौशल की सराहना की। यह मुलाकात उन महिला कारीगरों के लिए एक विशेष अवसर रही, जो अपनी कला और मेहनत से हिमाचल की पारंपरिक ऊनी हस्तकला को जीवित रखे हुए हैं।
इस अवसर पर किरण राव ने ‘तारा जैकेट’ (Tara Jacket) को चुना, जिसे हिमालय की स्थानीय भेड़ों से प्राप्त स्वदेशी ऊन, यानी देसी ऊन से पारंपरिक कौशल और हाथों की मेहनत से तैयार किया जाता है।
कुल्लवी व्हिम्स स्थानीय चरवाहा समुदायों और महिला कारीगरों के साथ मिलकर हिमाचल की पारंपरिक ऊनी हस्तकला को संरक्षित करने तथा उसे आधुनिक फैशन से जोड़ने का काम कर रहा है। संस्था के माध्यम से महिलाएँ कताई, बुनाई, बुनाई की पारंपरिक तकनीकों और प्राकृतिक रंगों के उपयोग से अपनी कला को आगे बढ़ा रही हैं और आजीविका के अवसर प्राप्त कर रही हैं।
किरण राव सिनेमा में अपने योगदान के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय पहलों से जुड़ाव के लिए भी जानी जाती हैं। वह पानी फाउंडेशन की सह-संस्थापक हैं, जो महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है। किरण राव का कुल्लवी व्हिम्स स्टूडियो में आगमन संस्था के लिए एक विशेष अवसर रहा। उनकी उपस्थिति ने स्थानीय शिल्प, स्वदेशी ऊन और महिला कारीगरों के काम को साझा करने का अवसर प्रदान किया।
कुल्लवी व्हिम्स के बारे में कुल्लवी व्हिम्स हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी के नग्गर में स्थित एक सामाजिक उद्यम है। यह स्थानीय चरवाहा समुदायों और महिला कारीगरों के साथ मिलकर स्वदेशी हिमालयी ऊन, पारंपरिक हस्तकला और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कौशल को संरक्षित करते हुए कारीगरों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करना और हिमालयी शिल्प को समकालीन डिज़ाइन के माध्यम से दुनिया तक पहुँचाना है।
📍 Location: Kullu (Kullu)

