शिमला : प्रदेश सरकार हिमाचल के युवाओं को विदेशों में बेहतर रोजगार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से विदेशी भाषा के पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भाषा कौशल विकसित होने से प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
शुक्रवार को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से कुशल युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से विदेशी भाषाओं के नए प्रशिक्षण पाठ्यक्त्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि युवा अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में कार्यरत हिमाचली युवाओं की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है।
इस मंच के माध्यम से विदेशों में रह रहे युवाओं से संपर्क बनाए रखने के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे देशों और क्षेत्रों की पहचान भी कर रही है, जहां हिमाचल के युवाओं के लिए बेहतर वेतन और सुरक्षित रोजगार उपलब्ध हो सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विदेशों में रोजगार के नाम पर किसी प्रकार का शोषण न हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार एचपीएसईडीसी के लिए भर्ती एजेंसी का लाइसेंस भी प्राप्त कर चुकी है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रम एवं रोजगार विभाग को निर्देश दिए कि विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं का विवरण प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाए। उन्होंने जनजातीय विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए वन अधिकार अधिनियम से संबंधित सभी मामलों की प्रगति भी मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, राकेश कंवर और आशीष सिंहमार, श्रम एवं रोजगार आयुक्त वीरेंद्र शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...