गग्गल (रोहित सैनी) : हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की जद में आने वाले ग्रामीण इलाकों के लिए राहत की खबर है जो की प्रदेश उच्च न्यायालय में विस्तारीकरण को लेकर चल रहे मामले में आज हुई सुनवाई के दौरान अब माननीय न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव ने इस मामले में अगली सुनवाई 29 फरवरी तक रख दी है, जिसके बारे में संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश मोना ने बताया कि आज इस बारे शिमला में सुनवाई हुई थी, जिसको लेकर मंगलवार को अदालत में पूना 29 फरवरी तक इस मामले में कोई भी कार्रवाई न करने की आदेश पारित किए हैं। अब 29 फरवरी तक कोई भी विभाग एयरपोर्ट बिस्तारीकरण के मामले में कोई कार्रवाई नहीं करेगा।
एयरपोर्ट विस्तार की पैरवी कर रहे उच्च न्यायालय की अधिवक्ता रीता गोस्वामी ब कोमल चौधरी के साथ कोर्ट में चीफ जस्टिस एम एस रामचंद्र राव तथा जज ज्योत्सना रिवाल दुआ से लगवग साढ़े तीन घंटे तक यह कार्रवाई चली। उन्होंने कहा के अब इसकी अगली सुनवाई 29 फरवरी को होगी। इस फैसले के बाद इलाका वासियों में कुछ राहत मिली है। इस अवसर पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश माना तथा महा सचिव हंसराज चौधरी व उपाध्यक्ष हरीश कटोच ने पुना कहा के उन्हें पूर्ण विश्वास है कि माननीय न्यायालय जनता के साथ अन्याय नहीं होने देगा और जनता को उसका हक न्याय दिलाए।

उन्होंने कहा के इलाकावासी पूरी तरह अदालत के फैसले पर विश्वास बनाए हुए हैं। क्योंकि इलाका वासी इंटरनेशनल हवाई अड्डे का विरोध नहीं कर रहे हैं। बस उनका यही कहना है कि इंटरनेशनल हवाई अड्डा बने परंतु इंटरनेशनल हवाई अड्डा उस जगह बनाया जाए जहां उजाड़ी करण का मुंह ना देखना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि इस एयरपोर्ट विस्तारित कारण की तारीख पहले 26 दिसंबर को पड़ी थी। उसके बाद माननीय न्यायाधीश ने 2 जनवरी से लेकर 4 जनवरी तक चलाई थी और उसी की मध्य नजर को रखते हुए माननीय ने 9 जनवरी को रखी। अब इस केस की सुनवाई को जारी रखते हुए यह फैसला अब 29 फरवरी को सुनाया जाएगा, जो की हिमाचल सरकार ने हाई कोर्ट में आश्वासन दिया है कि विस्तारीकरण की जद में आने वाले ग्रामीणों को उनकी भूमि से बेदखल नहीं किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना के दायरे में आने वाले किसी भी ढांचे को गिराया नहीं जाएगा,जो की उल्लेखनीय है कि गग्गल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के खिलाफ हाई कोर्ट के समक्ष एक आवेदन दाखिल किया गया है। अगली तारीख तक भू-अधिग्रहण अधिसूचना के दायरे में आने वाले इलाकों में बने हुए मकान या अन्य ढांचे को गिराया नहीं जाएगा।