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गड़सा जलधारा की सफाई, 45 किलो कचरा हटाया

Garsa Campaign Removes 45 Kg Waste from Water Stream : कुल्लू। गड़सा में हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग के राज्यव्यापी जल निकाय स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान के तहत जागरूकता एवं जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किया गया। “मेरा जल निकाय, मेरी जिम्मेदारी” संदेश के साथ पंचायत प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, NSS स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने गड़सा जलधारा के किनारे सफाई अभियान चलाकर करीब 45 किलो कचरा और मलबा हटाया। इस दौरान जल स्रोतों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लिया गया।

अभियान का उद्देश्य जल निकायों की स्वच्छता एवं संरक्षण तथा जल स्रोतों में प्रदूषण की रोकथाम के प्रति आमजन को जागरूक करना है। कार्यक्रम “मेरा जल निकाय, मेरी जिम्मेदारी” तथा “स्वच्छ जल निकाय–जलीय जीवन बचाएं” के संदेश के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी कुल्लू राजिंदर पाल ठाकुर ने विभागीय कर्मचारियों के सहयोग से किया। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गड़सा की प्रधानाचार्या अनीता शर्मा, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा स्थानीय लोगों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने गड़सा जलधारा के किनारे जमा मलबे, कचरे एवं अन्य अनावश्यक सामग्री की सफाई की तथा लगभग 45 किलोग्राम कचरा एवं मलबा एकत्र किया। इस गतिविधि के माध्यम से स्थानीय समुदाय को जल स्रोतों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त रखने के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने आमजन से अपील की कि स्वच्छ एवं स्वस्थ जल निकाय जलीय जीव-जंतुओं, जैव विविधता, मानव स्वास्थ्य तथा उन समुदायों के जीवन एवं आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जो प्राकृतिक जल संसाधनों पर निर्भर हैं।

अभियान के दौरान “जल बचाएं, जल को स्वच्छ रखें” का संदेश देते हुए वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के लिए जल निकायों के संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया गया। प्रतिभागियों ने प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग तथा मां प्रकृति के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया। वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी राजिंदर पाल ठाकुर ने पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों, महिला एवं युवक मंडलों, दिव्यांगजनों तथा आम जनता से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और स्थानीय जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण को निरंतर सामुदायिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यह अभियान निदेशक-सह-मछली पालन विभाग, ओम कांत ठाकुर के मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाने, जल निकायों के प्रति सामुदायिक स्वामित्व की भावना विकसित करने तथा जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण एवं सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। मत्स्य विभाग ने सभी वर्गों से आगे आकर ब्यास नदी सहित नदियों, नालों, खड्डों एवं अन्य जल निकायों को स्वच्छ एवं स्वस्थ रखने में अपना योगदान देने की अपील की है, ताकि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ जल एवं स्वस्थ जलीय पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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