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पक्के घर का सपना साकार करेगी स्वर्ण जयंती आश्रय योजना

Golden Jubilee Shelter Scheme : कुल्लू। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पक्का और सुरक्षित घर बनाने का सपना हिमाचल सरकार की स्वर्ण जयंती आश्रय योजना से साकार हो रहा है। योजना के तहत पात्र परिवारों को मकान निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। सरकाघाट उपमंडल में वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 के दौरान 51 परिवारों को कुल 76.50 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई, जिससे कई परिवार जर्जर मकानों से निकलकर सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में पहुंच सके हैं। इस योजना के माध्यम से पात्र जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। सरकाघाट उपमंडल में वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 के दौरान योजना के अंतर्गत 51 पात्र परिवारों को प्रति लाभार्थी 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। लगभग 76.50 लाख रुपए की इस सहायता से अनेक परिवार कच्चे और जर्जर मकानों से निकलकर अब सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में पक्के घरों में जीवन-यापन कर रहे हैं। इस योजना का लाभ हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासियों को निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर प्रदान किया जाता है। योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित ऐसे परिवार पात्र हैं, जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं है तथा लाभार्थी के नाम राजस्व अभिलेखों में मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है। प्रदेश सरकार की यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशील सोच और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। योजना से लाभान्वित परिवार भी इसे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली महत्वपूर्ण पहल मानते हैं। जर्जर मकान से पक्के घर तक का सफर : साजू राम योजना के लाभार्थी सैण गांव के साजू राम बताते हैं कि वे एक गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। उनका पुराना मकान टूट-फूट चुका था। अधिकतर हिस्सा जर्जर होने से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। पंचायत प्रधान ने उन्हें स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के बारे में जानकारी दी। आवेदन स्वीकृत होने के पश्चात उन्हें डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे दो कमरों का पक्का मकान बनवाया। आज वे परिवार सहित नए मकान में सुरक्षित और खुशी से रह रहे हैं। इस सहायता के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है। संतोष कुमार का भी साकार हुआ पक्के घर का सपना बाग गांव के संतोष कुमार बताते हैं कि उन्हें पंचायत के माध्यम से स्वर्ण जयंती आश्रय योजना की जानकारी मिली। सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो चुका है। बकौल संतोष कुमार इस योजना से उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के उत्थान तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। साथ ही बेसहारा एवं जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। सोनू कुमार को मिला सुरक्षित आशियाना सरकाघाट क्षेत्र के रसवान गांव के सोनू कुमार बताते हैं कि वे दिहाड़ी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घर की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी थी, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण वे नया पक्का मकान बनवाने में असमर्थ थे। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त होने के बाद उन्होंने अब नया मकान तैयार कर लिया है। सरकार से मिली मदद पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया है। पक्के और सुरक्षित मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी हैं। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना इसी उम्मीद को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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