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कर्मचारी हितैषी सरकार तो धरने पर क्यों हैं कर्मचारी-पेंशनर : जयराम

government pro-employee, why the protests? : शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर कर्मचारी और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में कर्मचारी हितैषी है तो कर्मचारियों और पेंशनरों को अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता क्यों अपनाना पड़ रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के चार साल पूरे होने को हैं, लेकिन भत्ते और अन्य वित्तीय देनदारियां अब भी लंबित हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि चार साल सरकार के पूरे होने जा रहे हैं लेकिन अभी भी भत्ते और अन्य ड्यूज लंबित हैं। आने वाले समय में सरकार को इसका जवाब देना ही होगा। हम विधानसभा के अंदर और बाहर ये सभी मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता बहुत बड़ी गलत फहमी का शिकार हैं कि राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। शायद वे भूल चुके हैं कि राहुल गांधी अब तक 13 बार लांच हुए और हर बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है। जिस नेतृत्व को जनता बार बार नकार रही है उसको ढोने से अब क्या ही हासिल होगा।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर होने के बाबजूद मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के धरने प्रदर्शनों में शामिल हो रहे हैं जो मर्यादा के खिलाफ है। मैं भी मुख्यमंत्री पांच वर्ष रहा लेकिन कभी ऐसे हर बात पर नारेबाजी करने सड़क पर नहीं उतरा। मुख्यमंत्री सिर्फ राजनीति करने के मकसद से अपने पद के प्रतिष्ठा को भी दांव पर लगा रहे हैं। उन्हें थोड़ा तो परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा वोट बैंक की राजनीति करती है। राहुल गांधी खुद नफरत की राजनीति करते हैं और दूसरे किसी नेता का सम्मान करना नहीं जानते। जातिवाद को बढ़ावा देकर राहुल गांधी सिर्फ राजनीति कर रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है जबकि भाजपा ऐसी राजनीति से परहेज करती है।

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